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पहले से जेल में हैं इमरान, अब नए मामले में कोर्ट ने दिया फिर गिरफ्तारी का आदेश; जानें ऐसी स्थिति में क्या होगा

 Published : Aug 24, 2023 08:55 pm IST,  Updated : Aug 24, 2023 09:44 pm IST

इमरान खान के खिलाफ पाकिस्तान की एक अदालत ने फिर से गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। जबकि वह पहले से ही तोशाखाना भ्रष्टाचार मामले में जेल में हैं। अब कहा जा रहा है कि पाकिस्तान पुलिस अटक जेल में बंद इमरान से नए मामले में पूछताछ करने के लिए जाएगी।

इमरान खान, पाकिस्तान के पूर्व पीएम- India TV Hindi
इमरान खान, पाकिस्तान के पूर्व पीएम Image Source : AP

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के सितारे लगातार गर्दिश में फंसते जा रहे हैं। तत्कालीन पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ से पंगा लेने के बाद उन पर दर्ज 150 से अधिक मुकदमे देश भर में चल रहे हैं। इससे साफ है कि इमरान खान का अब जेल से जल्द निकल पाना मुश्किल है। कई मामलों में उनकी गिरफ्तारी का आदेश हो चुका है। जबकि वह पहले से ही जेल में हैं। अब एक नए मामले में इमरान खान को झटका देते हुए एक पाकिस्तानी अदालत ने नौ मई को लाहौर कोर कमांडर के घर (जिन्ना हाउस) में हुई तोड़फोड़ के सिलसिले में जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री को गिरफ्तार करने और जांच करने की पुलिस को अनुमति दे दी है। मगर क्या पहले से जेल में बंद इमरान को पुलिस इस मामले में गिरफ्तार करेगी या नहीं, इस बारे में आपको आगे बताएंगे। पहले आपको याद दिलाते हैं कि वह किस मामले में जेल में रखे गए हैं।

दरअसल पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के 70 वर्षीय अध्यक्ष इमरान को इस महीने की शुरुआत में तोशाखाना भ्रष्टाचार मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद पंजाब प्रांत की अटक जिला जेल में रखा गया है। एक्सप्रेस ट्रिब्यून अखबार ने बृहस्पतिवार को बताया कि लाहौर पुलिस जांच प्रमुख द्वारा दायर एक याचिका के जवाब में आतंकवाद विरोधी अदालत (एटीसी) ने नौ मई को जिन्ना हाउस में हुई तोड़फोड़ के संबंध में खान को गिरफ्तार करने और जांच करने का आदेश दिया है। पुलिस ने जिन्ना हाउस आगजनी मामले में पूर्व प्रधानमंत्री खान की कथित संलिप्तता की जांच करने और उन्हें गिरफ्तार करने की आवश्यकता का हवाला दिया।

अब पुलिस के पास क्या-क्या विकल्प

भारत में सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील ज्ञानंत सिंह ने बताया कि जब कोई आरोपी या दोषी पहले से किसी मामले में जेल में बंद होता है तो ऐसी स्थिति में यदि कोर्ट पुनः किसी केस में उसकी गिरफ्तारी का आदेश देती है तो पुलिस के पास कई विकल्प होता है। यदि पुलिस को रिमांड मिली है तो वह जेल में बंद आरोपी या दोषी को उठा सकती है और साथ ले जाकर पूछताछ कर सकती है। मगर यदि पुलिस को लगता है कि आरोपी या दोषी पहले से जेल में है, इसलिए गिरफ्तार करने की आवश्यकता नहीं महसूस हो तो वह जेल में ही जाकर पूछताछ कर सकती है। वहीं इस तरह के आदेश होने का एक मतलब यह भी होता है कि यदि पहले से जिस मामले में आरोपी या दोषी को जेल में रखा गया है, उसमें जमानत मिल जाए तो वह फिर इस नए मामले में गिरफ्तार हो सकता है। यानि उसे जेल से तब तक मुक्ति नहीं मिल सकती, जब तक कि वह नए मामले में भी जमानत नहीं पा जाता या दोषमुक्त नहीं हो जाता।

अटक जेल में पूछताछ को जा सकती है पाकिस्तान पुलिस

पुलिस सूत्रों के हवाले से दी गई एक खबर में कहा गया है कि एक जांच दल को इमरान से पूछताछ के लिए अटक जेल भेजा जाएगा। इसके बाद जांच रिपोर्ट अदालत में पेश की जाएगी। सूत्रों ने कहा कि आगजनी मामले में फिहलाल इमरान की गिरफ्तारी पर रोक रहेगी। बता दें कि भ्रष्टाचार के मामले में नौ मई को अर्धसैनिक रेंजर द्वारा इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद देशव्यापी सरकार विरोधी प्रदर्शन हुआ था। इसके बाद इमरान को जमानत पर रिहा कर दिया गया था, लेकिन इन दंगों के दौरान जिन्ना हाउस समेत कई सैन्य प्रतिष्ठानों और सरकारी इमारतों को नुकसान पहुंचाया गया था। इसके बाद तोशाखाना मामले में दोषी करार होने पर उन्हें जेल भेज दिया गया। (भाषा)

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