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प्रशांत क्षेत्र में भारत और न्यूजीलैंड मिलकर बनाएंगे रणनीति, भारत दौरे पर आएंगे विदेशमंत्री विंस्टन पीटर्स

 Written By: Deepak Vyas @deepakvyas9826
 Published : Mar 05, 2024 11:55 am IST,  Updated : Mar 05, 2024 11:55 am IST

न्यूजीलैंड के विदेशमंत्री विंस्टन पीटर्स दक्षिण और दक्षिण पूर्व एशिया के साथ न्यूजीलैंड के संबंधों को सुदृढ़ करने के लिए अगले सप्ताह भारत, इंडोनेशिया और सिंगापुर की यात्रा करेंगे। इस दौरान वे भारत में प्रशांत क्षेत्र की चुनौतियों से निपटने के लिए रणनीति बनाएंगे।

न्यूजीलैंड के विदेश मंत्री विंस्टन पीटर्स- India TV Hindi
न्यूजीलैंड के विदेश मंत्री विंस्टन पीटर्स Image Source : FILE

New Zealand and India Relation: प्रशांत महासागर में आस्ट्रेलिया ही नहीं, न्यूजीलैंड भी भारत के लिहाज से काफी अहम है। दोनों देश आपसी द्विपक्षीय संबंधों को और बेहतर करने के साथ ही प्रशांत महासागर में भी साथ में काम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। न्यूजीलैंड के विदेशमंत्री विंस्टन पीटर्स दक्षिण और दक्षिण पूर्व एशिया के साथ न्यूजीलैंड के संबंधों को सुदृढ़ करने के लिए अगले सप्ताह भारत, इंडोनेशिया और सिंगापुर की यात्रा करेंगे। भारत में वह 10-13 मार्च तक अहमदाबाद और नई दिल्ली का दौरा करेंगे।

अहमदाबाद में श्री पीटर्स गुजरात के मुख्यमंत्री, भूपेन्द्र पटेल से मिलेंगे। गुजरात एक ऐसा राज्य है,जो भारतीय आर्थिक विकास का इंजन रहा है। इसका न्यूजीलैंड के भारतीय प्रवासियों के साथ महत्वपूर्ण संबंध है। दिल्ली में, वह प्रशांत द्वीप क्षेत्र के विकास में मदद करने में न्यूजीलैंड और भारत की साझा रुचि पर भी प्रकाश डालेंगे।

भारत और न्यूजीलैंड में संबंधों का लंबा इतिहास

भारत और न्यूजीलैंड के बीच संबंध 1800 के दशक से हैं, जब 1850 के दशक में भारतीय क्राइस्टचर्च में बसे थे। 1890 के दशक में पंजाब और गुजरात से बड़ी संख्या में अप्रवासी न्यूजीलैंड आए। वर्ष 1915 में गैलीपोली में एंज़ैक के साथ भारतीय सैनिकों ने लड़ाई लड़ी थी।

दोनों देशों के राजनीति संबंध भी मैत्रीपूर्ण हैं। दोनों देश एक ही वर्ष में स्वतंत्र हुए और भारत का राजनयिक प्रतिनिधित्व वर्ष 1950 में एक व्यापार आयोग के उद्घाटन के साथ स्थापित किया गया। जिसका अद्यतन बाद में उच्चायोग के रूप में किया गया। दोनों देश निरस्त्रीकरण, वैश्विक शांति, उत्तर-दक्षिण वार्ता, मानवाधिकार, पारिस्थितिक संरक्षण और अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद का मुकाबला करने की अपनी प्रतिबद्धता में विश्वास रखते हैं।

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