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चीन-पाकिस्तान से भारत के रिश्तों पर अमेरिका ने जारी की बड़ी रिपोर्ट, किए कई अहम दावे

 Edited By: Subhash Kumar
 Published : May 26, 2025 10:04 am IST,  Updated : May 26, 2025 11:03 am IST

अमेरिका की रक्षा खुफिया एजेंसी चीन-पाकिस्तान से भारत के रिश्तों पर बड़ी रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट में DIA ने कई अहम दावे किए हैं।

भारत चीन को मानता है प्राथमिक विरोधी।- India TV Hindi
भारत चीन को मानता है प्राथमिक विरोधी। Image Source : PTI/AP

दक्षिण एशिया में इस वक्त काफी उथल पुथल का समय है। ऐसे समय में अमेरिका की रक्षा खुफिया एजेंसी (DIA) भारत, पाकिस्तान, चीन और रूस जैसे देशों के बीत रिश्तों को लेकर एक अहम रिपोर्ट जारी की है। DIA ने अपनी रिपोर्ट में किए गए नए आकलन में दावा किया है कि भारत, चीन को प्राथमिक विरोधी मानता है। वहीं, भारत, पाकिस्तान को एक सहायक सुरक्षा समस्या मानता है जिसे मैनेज किया जाना चाहिए। 

भारत को अस्तित्व के लिए खतरा मानता है पाक

अमेरिकी रक्षा खुफिया एजेंसी के मुताबिक, पाकिस्तान, भारत को अपने अस्तित्व के लिए खतरा मानता है। पाकिस्तान, भारत का मुकाबला करने के लिए अपने सामरिक परमाणु हथियारों और सैन्य आधुनिकीकरण के प्रयासों को जारी रखेगा। वहीं, भारत और चीन के बीच LAC पर भी तनाव तेजी से बढ़ने की भी संभावना है। DIA ने अपनी रिपोर्ट में पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान और उसके आतंकियों के खिलाफ भारत की कार्रवाई का भी जिक्र किया है।

 परमाणु हथियारों का आधुनिकीकरण कर रहा है पाक

DIA ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि पाकिस्तान अपने परमाणु हथियारों के जखीरे का आधुनिकीकरण कर रहा है। वह विदेशी आपूर्तिकर्ताओं और बिचौलियों से सामान खरीदता है। पाकिस्तान को चीन की आर्थिक और सैन्य उदारता मिली हुई है। पाक सेना हर साल चीन की PLA के साथ में कई संयुक्त सैन्य अभ्यास करती है। हाल ही में भारत से हुई झड़प में पाकिस्तान ने चीन के F-17 और J-10C जैसे लड़ाकू विमान और PL-15 मिसाइल का इस्तेमाल किया था। रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान के सामूहिक विनाश के हथियारों की सामग्री और तकनीक मुख्य रूप से चीन से प्राप्त करता है। इसे  हांगकांग, सिंगापुर, तुर्की और संयुक्त अरब अमीरात के माध्यम से भेजा जाता है।

चीन-भारत के बीच तनाव कम हुआ

DIA की रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन का मुकाबला करने के लिए और वैश्विक नेतृत्व में भूमिका को बढ़ाने के लिए भारत अभ्यास, प्रशिक्षण, हथियारों की बिक्री और सूचना साझा कर के हिंद महासागर क्षेत्र में अपनी द्विपक्षीय रक्षा साझेदारी को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। DIA ने कहा है कि भारत और चीन ने LAC पर सेनाओं को कम करने का समझौता किया है जिससे सीमा विवाद का समाझान नहीं हुआ है लेकिन 2020 के बाद से जारी तनाव कम हुआ है।

भारत-रूस के बीच संबंधों को बने रहेंगे

DIA की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत अपनी सेना का आधुनिकीकरण करने और घरेलू रक्षा उद्योग का निर्माण करने के लिए मेक इन इंडिया को बढ़ावा देना जारी रखेगा। रिपोर्ट में भारत द्वारा अग्नि-I प्राइम MRBM, अग्नि-V का परीक्षण, दूसरी परमाणु-संचालित पनडुब्बी को कमीशन करने का जिक्र किया गया है। DIA ने कहा है कि भारत, रूस के साथ अपने संबंधों को बनाए रखेगा। वह आर्थिक और रक्षा उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए इसे जरूरी मानता है। भारत ने रूस से सैन्य उपकरणों की खरीद में कमी की है लेकिन फिर भी चीन-पाकिस्तान के संभावित खतरे का मुकाबला करने के लिए वह रूसी मूल के टैंकों और लड़ाकू विमानों के लिए रूसी उपकरणों पर निर्भर है।

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