तेहरान: इस्लामाबाद में ईरान-अमेरिका के बीच शांति वार्ता के दूसरे प्रयासों के बीच तेहरान का बड़ा बयान सामने आया है। ईरान के न्यायपालिका प्रमुख गोलामहुसैन मोहसिनी एजेई ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि अमेरिकी सेनाओं को इस्फहान और तबास में जो ऐतिहासिक हार का सामना करना पड़ा था, वही हार अब फारस की खाड़ी के पानी में दोहराई जाएगी।
ईरान पर फिर हमला कर सकता है अमेरिका
एजेई ने कहा कि अमेरिका को अब भी अपनी हार का गुस्सा है और वह ईरान पर फिर से हमले की कोशिश कर सकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरानी सशस्त्र बल पूरी तरह तैयार हैं और किसी भी अमेरिकी आक्रामकता का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान और अमेरिका के बीच पाकिस्तान की मध्यस्थता में सीजफायर लागू है, लेकिन क्षेत्र में तनाव अभी भी बना हुआ है। ईरानी न्यायपालिका प्रमुख ने अमेरिका की नौसेना गतिविधियों और फारस की खाड़ी में संभावित नाकेबंदी को युद्धविराम का उल्लंघन बताया।
अमेरिका ने अगर किया हमला तो देंगे करारा जवाब
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका ने ईरानी जहाजों या बंदरगाहों पर कोई कार्रवाई की तो उसका जवाब निश्चित रूप से दिया जाएगा। एजेई ने कहा, “अमेरिका को इस्फहान और तबास की हार याद है। फारस की खाड़ी में भी उसे वही हार मिलेगी।” उन्होंने ईरान की जनता और सैन्य बलों की एकजुटता की तारीफ की और कहा कि देश किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बयान ईरान की मजबूत रक्षा क्षमता का प्रदर्शन है। हाल के ईरान-अमेरिका-इजरायल संघर्ष में ईरान ने मिसाइल और ड्रोन हमलों से अपनी ताकत दिखाई थी।
फारस की खाड़ी में सतर्क है ईरान की सेना
अब फारस की खाड़ी और होर्मुज की जलडमरूमध्य में ईरान की नौसेना पूरी तरह सतर्क है। ईरान बार-बार दोहरा रहा है कि वह क्षेत्रीय शांति चाहता है, लेकिन अपनी संप्रभुता और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगा। अमेरिका द्वारा किसी भी तरह की नौसैनिक नाकेबंदी या जहाजों पर हमले को ईरान युद्ध अपराध मानता है। एजेई ने कहा कि अमेरिका अभी भी अपने लक्ष्यों को हासिल नहीं कर पाया है, इसलिए हमले की संभावना पूरी तरह से खारिज नहीं की जा सकती।
इसलिए ईरान को 100 प्रतिशत तैयार रहना चाहिए। यह चेतावनी ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब पाकिस्तान में ईरानी और अमेरिकी प्रतिनिधियों के बीच अप्रत्यक्ष बातचीत चल रही है। ईरान का संदेश साफ है कि कोई भी आक्रामकता महंगी पड़ेगी। ईरानी मीडिया ने इस बयान को व्यापक कवरेज दिया है। देश के सर्वोच्च नेता और सैन्य कमांडर भी इसी लाइन पर अमेरिका को चेतावनी दे रहे हैं।