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Sita Navami 2026: जनक नंदिनी मां जानकी का नाम सीता क्यों पड़ा? जानिए इस नाम के पीछे की मान्यता और पौराणिक कहानी

 Written By: Vineeta Mandal
 Published : Apr 25, 2026 12:04 pm IST,  Updated : Apr 25, 2026 12:04 pm IST

Sita Navami 2026: माता सीता का नाम 'सीता' क्यों पड़ा? आइए जानते हैं इस नाम के पीछे की पूरी मान्यता और माता सीता के जन्म की पौराणिक कथा।

सीता नवमी 2026- India TV Hindi
सीता नवमी 2026 Image Source : FREEPIK

Sita Navami: हर साल वैशाख माह की नवमी तिथि को सीता नवमी मनाई जाती है। इस दिन को जानकी जयंती के नाम से भी जाना जाता है। सीता नवमी के दिन व्रत करने का विधान है। धार्मिक मान्यता है कि सीता नवमी के दिन जो भी सुहागिन स्त्रियां व्रत करती हैं उन्हें अखंड सौभाग्यवती का आशीर्वाद प्राप्त होती है। सीता नवमी के दिन मां जानकी पूजा-अर्चना करने से दांपत्य जीवन में मधुरता आती है और घर-परिवार में भी सुख-समृद्धि बनी रहती है। आज सीता नवमी के पावन अवसर पर हम आपको बताएंगे कि आखिर देवी सीता का नाम 'सीता' कैसा पड़ा। आखिर इस नाम के पीछे की धार्मिक मान्यता और पौराणिक कथा क्या है। 

सीता जन्म से जुड़ी पौराणिक कथा

पौराणिक कथा के मुताबिक, मिथिला की पावन धरती कई वर्षों तक सूखा रहा था यहां पानी की एक बूंद भी नहीं पड़ी थी। वर्षा नहीं होने की वजह से पूरा मिथिला राज्य रेगिस्तान बन चुका था। भयंकर अकाल और सूखे की वजह से यहां की जनता अन्न और पानी की एक बूंद को लेकर भी तरस रही थी। अपनी प्रजा को भूखा और प्यासा देखकर राजा जनक विचलित हो गए। मिथिला की यह बिगड़ती स्थिति को देखते हुए ऋषियों ने राजा जनक से कहा कि वो सोने की हल खुद खेत में चलाएं, जिससे इंद्रदेव की कृपा दृष्टि उनके राज्य पर पड़े। इसके बाद जनक जी ने हल से खेत जोतना शुरू किया तभी उनका हल किसी बक्से से टकराया। फिर उन्होंने उस बक्सा को बाहर निकालकर देखा तो उसमें एक बच्ची थी। राजा जनक की उस समय कोई संतान नहीं थी, इसलिए उन्होंने उस बच्ची को गोद ले लिया और उसका नाम सीता रखा। 

सीता नाम क्यों पड़ा?

राजा जनक को माता सीता पुत्री के रूप में हल की ‘सीत’ यानी हल की नोक के स्पर्श से प्राप्त हुई थी, इसलिए उन्होंने उनका नाम सीता रखा। इसके अलावा माता सीता को मैथिली, भूमिसुता और भूमिजा के नाम से भी पुकारा जाता है। दरअसल, भूमि से जन्म लेने की वजह से उनका नाम भूमिजा पड़ा। माता सीता को वैदेही नाम से भी जाना जाता है। कहते हैं कि सीता जी के प्रकट होते ही मिथिला राज्य में जमकर बारिश हुई और वहां का सूखा दूर हो गया। 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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