Pakistan Khyber Pakhtunkhwa Terror Attack: पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में आतंकवाद की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए गुरुवार को प्रांतीय शीर्ष समिति की महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी ने की। बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रांत में कानून-व्यवस्था की वर्तमान स्थिति की समीक्षा करना था। इस दौरान आतंकवाद के खतरे को जड़ से खत्म करने के लिए व्यापक और प्रभावी रणनीति तैयार करने पर भी चर्चा हुई है। बैठक में प्रांतीय मंत्री, पेशावर कोर कमांडर, मुख्य सचिव, पुलिस महानिरीक्षक, आतंकवाद विरोधी विभाग के अधिकारी समेत अन्य वरिष्ठ नागरिक, सैन्य और कानून प्रवर्तन अधिकारी शामिल हुए।
बैठक में क्या हुआ?
यह चर्चा ऐसे समय में हुई जब पाकिस्तानी सेना ने बलूचिस्तान में चलाए गए ऑपरेशन 'रद्द-उल-फितना-1' के नतीजे जारी किए थे। 26 जनवरी से शुरू इस अभियान में सेना के अनुसार कम से कम 216 आतंकवादी, 36 नागरिक और 22 सैनिक मारे गए हैं। पेशावर में हुई इस उच्च-स्तरीय बैठक में सर्वसम्मति से फैसला लिया गया कि आतंकवाद के खिलाफ सफल नीति बनाने के लिए सभी राजनीतिक दलों, चुने हुए प्रतिनिधियों, स्थानीय समुदाय के बुजुर्गों और सरकार के बीच घनिष्ठ समन्वय, आपसी सहयोग और निरंतर परामर्श जरूरी है।
पीछे नहीं हटेगी सरकार
सरकारी बयान में कहा गया कि खैबर पख्तूनख्वा सरकार आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में कोई कसर नहीं छोड़ेगी। सरकार ने स्पष्ट किया कि वह पाकिस्तानी सशस्त्र बलों, पुलिस, आतंकवाद विरोधी विभाग (सीटीडी) और अन्य सभी सुरक्षा संस्थानों के साथ मिलकर उपलब्ध हर संसाधन का पूरा उपयोग करेगी। आतंकवाद के खिलाफ इस जंग में कोई भी बलिदान देने से सरकार पीछे नहीं हटेगी।

दीर्घकालिक रणनीति पर होगा जोर
बयान में दीर्घकालिक रणनीति पर जोर देते हुए कहा गया कि आतंकवाद को केवल बल प्रयोग से नहीं, बल्कि इसके मूल कारणों को पहचानकर और उन्हें समाप्त करके ही जड़ से खत्म किया जा सकता है। इसके लिए जनता का भरोसा जीतना, राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करना और विकास कार्यों को बढ़ावा देना बेहद जरूरी है। सरकार और जनता के बीच मजबूत एकता ही स्थायी शांति की आधारशिला होगी।
पहले चरण में क्या होगा?
रणनीति के पहले चरण में आतंकवाद से सबसे अधिक प्रभावित इलाकों को सुशासन के मॉडल जिलों में तब्दील किया जाएगा। इन क्षेत्रों में विशेष पैकेज के तहत सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ संचार नेटवर्क, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा, रोजगार के अवसर, बुनियादी ढांचा और अन्य आवश्यक सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। बैठक में यह भी तय किया गया कि सैन्य अभियानों के दौरान अपने घरों से अस्थायी रूप से विस्थापित हुए लोगों को पूर्ण देखभाल, उचित पुनर्वास और बुनियादी जरूरतों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। इससे प्रभावित परिवारों को स्थिरता और सुरक्षा का अहसास होगा।
क्या बोले सीएम सोहेल अफरीदी?
मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा, "शांति हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। यह एक सामूहिक युद्ध है और इसे केवल सभी पक्षों के सामूहिक प्रयासों से ही जीता जा सकता है।" उन्होंने सभी राजनीतिक दलों, नागरिक समाज और सुरक्षा एजेंसियों से एकजुट होकर इस चुनौती का मुकाबला करने की अपील की। यह बैठक खैबर पख्तूनख्वा में आतंकवाद के बढ़ते खतरे के खिलाफ एक निर्णायक कदम मानी जा रही है।
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