मिडिल ईस्ट में जारी जंग का आज 21वां दिन है। हर दिन ये जंग और भीषण होती जा रही है। बुधवार को साउथ पार्स गैस फील्ड पर हुए हमले के बाद ईरान ने मिडिल ईस्ट के देशों के तेल और गैस फील्ड पर हमले किए हैं। ईरान ने इस दौरान कतर के रास लफ्फान गैस फील्ड पर भीषण हमला किया जिससे पूरी दुनिया टेंशन में आ गई। इस हमले के बाद रिफाइनरी में भीषण आग लग गई। अब कतर ने ईरान के हमले में नुकसान का ब्योरा जारी किया है जो कि हैरान कर देने वाला है।
कतर को कितना नुकसान?
ईरान के रास लफ्फान गैस फील्ड पर हमले से कतर को भारी नुकसान हुआ है। सरकार ने हमले को लेकर बयान जारी किया है। कतर सरकार ने कहा है कि इस हमले से कंपनी की करीब 17% LNG उत्पादन क्षमता खत्म हो गई है। ये नुकसान इतना बड़ा है कि इसे ठीक करने में 5 साल तक का वक्त लग सकता है। कतर को अपने कई लंबी अवधि के गैस सप्लाई कॉन्ट्रैक्ट्स पर फोर्स मेज्योर घोषित करना पड़ सकता है। कतर ने ऊर्जा परियोजनाओं पर करीब 26 अरब डॉलर का निवेश किया गया था, जिसे भारी नुकसान पहुंचा है।
कतर ने बताया है कि ईरान के हमले में हुए नुकसान के कारण वार्षिक राजस्व में 20 बिलियन डॉलर का अनुमानित नुकसान हुआ। कतर ने आगे ये भी कहा है कि मरम्मत में पांच साल तक का समय लगेगा, जिससे यूरोप और एशिया के बाजारों में आपूर्ति प्रभावित होगी।
चीन पर भी होगा असर
ईरान के हमलों ने LNG का उत्पादन करने वाले ट्रेन 4 और ट्रेन 6 को नुकसान पहुंचाया है। इससे 12.8 मिलियन टन वार्षिक (MTPA) उत्पादन प्रभावित हुआ है। ये कतर के LNG निर्यात का करीब 17 फीसदी है। कतर ने बताया है कि नुकसान की मरम्मत में तीन से पांच साल लगेंगे। इसका असर चीन, दक्षिण कोरिया, इटली और बेल्जियम पर है। इस कारण कतर हम कुछ दीर्घकालिक एलएनजी अनुबंधों पर पांच साल तक के लिए अप्रत्याशित घटना की घोषणा करने के लिए मजबूर होगा।
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