1. Hindi News
  2. विदेश
  3. एशिया
  4. जानिए शांगरी-ला डायलॉग क्यों हैं अहम जिसमें शामिल होंगे CDS अनिल चौहान, एशिया-प्रशांत क्षेत्र से जुड़ा है लिंक

जानिए शांगरी-ला डायलॉग क्यों हैं अहम जिसमें शामिल होंगे CDS अनिल चौहान, एशिया-प्रशांत क्षेत्र से जुड़ा है लिंक

 Published : May 30, 2025 09:29 am IST,  Updated : May 30, 2025 10:20 am IST

चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान अंतर्राष्ट्रीय सामरिक अध्ययन संस्थान की ओर से आयोजित किए जाने वाले शांगरी-ला डायलॉग 2025 में भाग लेंगे। यह एशिया-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा से जुड़े सबसे महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में से एक है।

चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) अनिल चौहान- India TV Hindi
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) अनिल चौहान Image Source : PTI

Shangri-La Dialogue 2025: Shangri-La Dialogue 2025: ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान को धूल चटाने के बाद भारत अब पाकिस्तान को कूटनीतिक मोर्चे पर बेनकाब कर रहा है। भारत के सात डेलिगेशन दुनिया भर के देशों में जाकर पाकिस्तान के नापाक मंसूबों को बेनकाब कर रहे हैं। इस बीच चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) अनिल चौहान भी आज सिंगापुर में शुरू हो रहे शांगरी-ला डायलॉग 2025 में भाग लेंगे। यह इसलिए भी अहम है क्योंकि  शांगरी-ला वार्ता को सबसे बड़े रक्षा मंचों में से एक माना जाता है। इस डायलॉग में 40 से ज्यादा देशों के सैन्य अधिकारी हिंद-प्रशांत सुरक्षा चुनौतियों पर चर्चा करेंगे।

क्यों अहम है शांगरी-ला डायलॉग?

शांगरी-ला डायलॉग एशिया-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा से जुड़े सबसे महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में से एक है। यह एक वार्षिक रक्षा सम्मेलन है जिसमें विभिन्न देशों के रक्षा मंत्री, सैन्य अधिकारी, नीति निर्माता, रणनीतिक विशेषज्ञ और थिंक टैंक के प्रतिनिधि हिस्सा लेते हैं। इसका आयोजन अंतरराष्ट्रीय सामरिक अध्ययन संस्थान (IISS – International Institute for Strategic Studies) द्वारा किया जाता है।

क्या है शांगरी-ला डायलॉग का मुख्य उद्देश्य​

शांगरी-ला डायलॉग का मुख्य उद्देश्य एशिया-प्रशांत क्षेत्र में रक्षा और सुरक्षा मामलों पर खुले विचार-विमर्श को बढ़ावा देना है। यह एक ऐसा मंच है जहां देश आपसी सहयोग, रणनीतिक मुद्दों, क्षेत्रीय तनावों और वैश्विक सुरक्षा खतरों पर चर्चा करते हैं। इस डायलॉग की शुरुआत 2002 में हुई थी और इसका नाम सिंगापुर के प्रसिद्ध 'शांगरी-ला होटल' के नाम पर रखा गया है, जहां यह सम्मेलन हर वर्ष आयोजित किया जाता है। शांगरी-ला नाम मूलरूस से एक काल्पनिक स्वर्ग जैसे स्थान को दर्शाता है, जो शांति और संतुलन का प्रतीक है।

अहम क्यों है शांगरी-ला डायलॉग की भूमिका?

शांगरी-ला डायलॉग देशों के बीच विश्वास बढ़ाने और संवाद स्थापित करने का बड़ा मंच है। यूक्रेन युद्ध, दक्षिण चीन सागर में तनाव, ताइवान मुद्दा, साइबर सुरक्षा और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला जैसे मुद्दों के चलते इसकी भूमिका और भी अहम नजर आ रही है। यह मंच उन देशों को आमने-सामने बात करने का अवसर देता है जिनके बीच प्रत्यक्ष संवाद की गुंजाइश कम होती है।

कितने दिनों तक चलेगा कार्यक्रम?

तीन दिनों तक चलने वाले इस कार्यक्रम के दौरान सीडीएस अनिल चौहान ऑस्ट्रेलिया, यूरोपीय संघ, फ्रांस, जर्मनी, इंडोनेशिया, जापान, नीदरलैंड, न्यूजीलैंड, फिलीपींस, सिंगापुर, यूके और यूएसए सहित कई देशों के रक्षा बलों के प्रमुखों और वरिष्ठ सैन्य नेतृत्व के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगे। इसके साथ ही चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ शिक्षाविदों, थिंक टैंकों और शोधकर्ताओं को भी संबोधित करेंगे।

यह भी पढ़ें:

Chinese Army ने पाकिस्तान में अपने हथियारों के प्रदर्शन पर क्या कहा, जान लीजिए

रूसी विदेश मंत्री ने Russia-India-China के संबंधों पर दिया बड़ा बयान, बताया कौन कर रहा भारत के खिलाफ साजिश

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Asia से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें विदेश