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Sri Lanka Emergency: श्रीलंका में आपातकाल की घोषणा, सुरक्षा बलों को मिली मनमाने तरीके से गिरफ्तारी की शक्ति

 Published : May 06, 2022 11:40 pm IST,  Updated : May 06, 2022 11:59 pm IST

श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे ने देश में आपातकाल की घोषणा की जोकि शुक्रवार मध्यरात्रि से प्रभावी होगा। राष्ट्रपति कार्यालय के मीडिया प्रभाग ने यह जानकारी दी।

Sri Lankan President Gotabaya Rajapaksa declares state of emergency- India TV Hindi
Sri Lankan President Gotabaya Rajapaksa declares state of emergency Image Source : FILE PHOTO

Highlights

  • श्रीलंका के राष्ट्रपति ने की इमरजेंसी की घोषणा
  • शुक्रवार मध्यरात्रि से प्रभावी होगा आपातकाल
  • किसी को भी गिरफ्तार कर सकती है पुलिस

Sri Lanka Emergency: श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे ने देश में आपातकाल की घोषणा की जोकि शुक्रवार मध्यरात्रि से प्रभावी होगा। राष्ट्रपति कार्यालय के मीडिया प्रभाग ने यह जानकारी दी। आपातकाल के तहत पुलिस और सुरक्षा बलों को मनमाने तरीके से किसी को भी गिरफ्तार करने और हिरासत में रखने की शक्ति मिल जाती है। 

इमरजेंसी के पीछे राष्ट्रपति का तर्क-

राष्ट्रपति के मीडिया प्रभाग के मुताबिक, राजपक्षे का यह निर्णय जनता की सुरक्षा और आवश्यक सेवाओं को बरकरार रखने के लिए है ताकि देश का सुचारू रूप से संचालन सुनिश्चित हो सके। श्रीलंका में जनता द्वारा पिछले कई सप्ताह से राष्ट्रपति और सरकार के इस्तीफे की मांग के बीच आपातकाल लागू करने का फैसला लिया गया है। 

श्रीलंका अपनी आजादी के बाद से सबसे बड़े आर्थिक संकट का सामना कर रहा है और लोगों को आवश्यक वस्तुओं की कमी के साथ ही भारी बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है। राजपक्षे ने उनके निजी आवास के बाहर जबरदस्त विरोध-प्रदर्शन के बाद एक अप्रैल को भी आपातकाल की घोषणा की थी। हालांकि, पांच अप्रैल को इसे वापस ले लिया गया था।

छात्रों के धरने के बाद आपातकाल का ऐलान

 
गौरतलब है कि गुरुवार को संसद तक विरोध-प्रदर्शन करने वाले छात्रों ने संसद के मुख्य द्वार पर डेरा डाल दिया था। पुलिस ने बीती रात उन पर आंसू गैस के गोले छोड़े लेकिन भारी बारिश में भी वे धरने पर बैठे रहे। इस्तीफे के बढ़ते दबाव के बावजूद राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे और उनके बड़े भाई व प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे ने पद छोड़ने से इनकार कर दिया है। श्रीलंका अपनी आजादी के बाद से सबसे बड़े आर्थिक संकट का सामना कर रहा है और लोगों को आवश्यक वस्तुओं की कमी के साथ ही भारी बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है।

सबसे बड़े आर्थिक संकट में श्रीलंका-

आजादी के बाद के सबसे गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहा श्रीलंका दिवालिया होने की कगार पर पहुंच गया है। मजबूरी के कारण श्रीलंका ने अपने विदेशी ऋण (कर्ज) की अदायगी स्थगित कर दी है। उसे इस साल विदेशी ऋण के रूप में सात अरब डॉलर और 2026 तक 25 अरब डॉलर अदा करना है। उसका विदेशी मुद्रा भंडार घट कर एक अरब डॉलर से भी कम रह गया है। ऐसे में श्रीलंका के पास इस साल भी विदेशी कर्ज चुकाने जितना पैसा नहीं बचा है। देश में रोज मर्रा की मूलभूत चीजों के दाम आसमान छू रहे हैं। 

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