तेहरान: ईरान ने संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था आईएईए के संचालन मंडल द्वारा पारित हालिया प्रस्ताव को कड़े शब्दों में ‘‘ईरान-विरोधी’’ करार दिया है और इसके खिलाफ जवाबी कदम उठाने की धमकी दी है। ईरान की सरकारी मीडिया ने शुक्रवार को यह खबर दी। आइये अब आपको बताते हैं कि ईरान को यूएन की एजेंसी ने ऐसा कौन सा प्रस्ताव दे दिया था....जिस पर वह भड़क उठा और कार्रवाई की धमकी दे डाली।
गुरुवार को वियना में आईएईए के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स ने एक प्रस्ताव पारित कर ईरान से मांग की थी कि वह एजेंसी के साथ पूर्ण सहयोग करे, हथियार बनाने लायक स्तर तक संवर्धित अपने यूरेनियम भंडार की ‘‘विश्वसनीय और सटीक’’ जानकारी दे। इसके साथ ही निरीक्षकों को सभी परमाणु ठिकानों तक तुरंत पहुंच प्रदान करे। यह प्रस्ताव ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और अमेरिका ने पेश किया था और इसे भारी बहुमत से मंजूरी मिली। जवाब में ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने शुक्रवार को कहा कि तेहरान ने आईएईए को औपचारिक पत्र भेजकर सूचित किया है कि वह सितंबर में काहिरा में हुए समझौते को पूरी तरह खत्म कर रहा है। इसके अलावा प्रस्ताव के विरोध में ‘‘अन्य उचित कार्रवाइयां’’ भी की जाएंगी। उन्होंने प्रस्ताव को ‘‘राजनीतिक रूप से प्रेरित और विनाशकारी’’ बताया।
दरअसल, अप्रैल में इजरायल के साथ हुए खुले युद्ध के बाद ईरान ने आईएईए के साथ सभी सहयोग निलंबित कर दिया था। निरीक्षण पूरी तरह ठप हो गए थे। मगर इसके बाद सितंबर की शुरुआत में आईएईए महानिदेशक राफेल ग्रॉसी ने काहिरा में ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची से मुलाकात की और निरीक्षण दोबारा शुरू करने पर सहमति बनी थी। अब ईरान ने उसी समझौते को रद्द करने का ऐलान कर दिया है। विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम ईरान के परमाणु कार्यक्रम को और तेज करने की ओर इशारा करता है। आईएईए की ताजा रिपोर्ट में कहा गया था कि ईरान के पास 60 फीसदी तक संवर्धित यूरेनियम का भंडार अब कई परमाणु बम बनाने लायक हो चुका है। तेहरान हमेशा दावा करता रहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण है, लेकिन पश्चिमी देश और इजरायल इसे अविश्वसनीय मानते हैं। फिलहाल तनाव फिर चरम पर है और अगले कुछ दिनों में ईरान की ओर से नए परमाणु कदमों की घोषणा संभव है। (भाषा)
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