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शाह महमूद कुरैशी का दावा, कश्मीर मामले पर इसलिए यूरोपीय देश नहीं दे रहे पाकिस्तान का साथ

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Sep 12, 2019 07:38 am IST,  Updated : Sep 12, 2019 07:38 am IST

कुरैशी ने कहा कि पाकिस्तान ने एक से अधिक बार भारत से वार्ता की पेशकश की लेकिन कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली। निकट भविष्य में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय बातचीत की कोई संभावना भी नजर नहीं आ रही है।

शाह महमूद कुरैशी का दावा, कश्मीर मामले पर इसलिए यूरोपीय देश नहीं दे रहे पाकिस्तान का साथ- India TV Hindi
शाह महमूद कुरैशी का दावा, कश्मीर मामले पर इसलिए यूरोपीय देश नहीं दे रहे पाकिस्तान का साथ

जेनेवा: कश्मीर मामले पर पाकिस्तानी नेताओं के बयानों में दुनिया का साथ नहीं मिलने की बेचैनी बार-बार दिख रही है। इसी की बानगी पेश कर रहा है पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी का बयान है जिसमें उन्होंने कहा है कि कश्मीर पर 'सब कुछ जानने' के बाद भी यूरोपीय यूनियन के देश राजनैतिक वजहों से इस पर कुछ नहीं बोल रहे हैं।

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पाकिस्तानी मीडिया में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, कुरैशी ने 'स्विस टीवी' को दिए साक्षात्कार में यह बात कही। उन्होंने 'कश्मीर के हालात' पर चिंता जताते हुए कहा कि यूरोपीय यूनियन के देश घटनाक्रम की गंभीरता को समझ रहे हैं लेकिन राजनैतिक वजहों से अपनी आवाज नहीं उठा रहे हैं।

कुरैशी ने कहा कि पाकिस्तान ने एक से अधिक बार भारत से वार्ता की पेशकश की लेकिन कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली। निकट भविष्य में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय बातचीत की कोई संभावना भी नजर नहीं आ रही है। ऐसे में केवल एक ही विकल्प है और वह है भारत और पाकिस्तान के बीच किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता।

उन्होंने अपने पहले का आरोप दोहराया कि भारत की मौजूदा सरकार राष्ट्रीय स्वयंसंवक संघ (आरएसएस) के एजेंडे पर काम कर रही है। उन्होंने कश्मीर से प्रतिबंधों को तुरंत हटाने की मांग की। महमूद कुरैशी ने यह भी कहा कि कश्मीर में स्थिति के कारण भारत और पाकिस्तान के बीच अप्रत्याशित युद्ध भड़कने का खतरा है। 

कुरैशी ने कहा, ‘‘आप एक अप्रत्याशित युद्ध से इनकार नहीं कर सकते।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यदि हालात ऐसे ही बने रहते हैं तो कुछ भी संभव है।’’ कुरैशी ने तनाव कम करने के लिए द्विपक्षीय वार्ता की संभावना से इनकार किया। उन्होंने कहा, ‘‘यदि अमेरिका भूमिका निभाता है, तो यह महत्वपूर्ण हो सकता है क्योंकि उसका क्षेत्र में काफी प्रभाव है।“

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