अमेरिका और ईरान में जारी जंग के बीच आज ईरान में भूकंप का तेज झटका महसूस किया गया। इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 4.3 मापी गई। ऐसी आशंका जताई जा रही है कि कहीं भूकंप के इस झटके के पीछे परमाणु परीक्षण तो नहीं है। अमेरिका ईरान में जारी जंग के बीच अब दुनिया में एक बार फिर से परमाणु बम को लेकर होड़ मचने की संभावना जताई जा रही है। ऐसा इसलिए क्योंकि फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भी ऐलान कर दिया है कि उनका देश परमाणु बम बनाएगा।
मैक्रों ने क्या ऐलान किया?
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने एटम बम को लेकर बड़ा ऐलान कर दिया है। मैक्रों ने घोषणा की है कि फ्रांस अपने परमाणु हथियारों की संख्या को बढ़ाएगा। मैक्रों ने कहा है कि फ्रांस एक बार फिर से एटम बम बनाएगा और अपने न्यूक्लियर बम के बेड़े को बढ़ाएगा। मैक्रों ने आगे ये भी कहा है कि फ्रांस परमाणु बमों की गिनती नहीं बताएगा। अब सवाल ये उठ रहा है कि आखिर 28 साल बाद फ्रांस ऐसा क्यों करने जा रहा है। फ्रांस को और ज्यादा एटम बम की जरूरत क्यों महसूस हो रही है।
सहयोगी देशों के लिए मैक्रों का बड़ा ऐलान
इमैनुएल मैक्रों ने सोमवार को कहा है कि फ्रांस यूरोप की स्वतंत्रता को और मजबूती देने के लिए अपनी नई परमाणु पॉलिसी के तहत सहयोगी देशों को अपने परमाणु-सशस्त्र विमानों की अस्थायी तैनाती की भी मंजूरी देगा। हालांकि, मैक्रों ने ये साफ कर दिया है कि परमाणु हथियारों के इस्तेमाल को लेकर वह किसी भी दूसरे देश के साथ फैसला लेने के लिए साझेदारी नहीं करेगा।
फ्रांस के पास कितने परमाणु हथियार
इमैनुएल मैक्रों ने कहा है कि इस तरह के समझौतों को लेकर ब्रिटेन, जर्मनी, पोलैंड, नीदरलैंड, बेल्जियम, यूनान, स्वीडन और डेनमार्क के साथ फ्रांस की बातचीत शुरू हो गई है। उन्होंने आगे ये भी कहा कि फ्रांस अपने परमाणु हथियारों की संख्या को बढ़ाएगा। जानकारी के मुताबिक, फ्रांस के पास में वर्तमान में 300 से कम परमाणु हथियार मौजूद हैं। मैक्रों ने परमाणु हथियारों में बढ़ोतरी की कोई निश्चित संख्या नहीं बताई है।
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