1. Hindi News
  2. विदेश
  3. यूरोप
  4. ईरान पर हमले को लेकर अमेरिका-इजरायल पर भड़का रूस, कहा- 'जहां जरूरत होगी, वहां मदद करेंगे'

ईरान पर हमले को लेकर अमेरिका-इजरायल पर भड़का रूस, कहा- 'जहां जरूरत होगी, वहां मदद करेंगे'

 Published : Feb 28, 2026 07:32 pm IST,  Updated : Feb 28, 2026 07:34 pm IST

ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमले के बाद रूस ने कड़ी निंदा की है। रूस के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने कहा कि ये हमले अंतरराष्ट्रीय कानून और परमाणु अप्रसार व्यवस्था को कमजोर कर रहे हैं।

Iran attack, Israel Iran War, US Israel strike, Russia condemnation, Maria Zakharova statement- India TV Hindi
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन। Image Source : AP

मॉस्को: इजरायल और अमेरिका ने मिलकर शनिवार को ईरान पर हमला कर दिया, जिसके बाद पूरे मध्य पूर्व में तनाव की स्थिति बनी हुई है। रूस की विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने अमेरिका के ईरान पर हमलों की कड़ी निंदा की और जहां जरूरत हो वहां मदद देने की पेशकश की। जखारोवा ने अपने बयान में कहा कि रूस सभी पक्षों से अपील करता है कि वे कूटनीति के रास्ते पर लौट आएं। उन्होंने कहा, "पिछले कुछ महीनों में अमेरिकी प्रशासन द्वारा किए गए इन अस्थिर करने वाले हमलों का एक के बाद एक होना चिंताजनक है।'

'ये हमले अंतरराष्ट्रीय कानून को कमजोर कर रहे हैं'

मारिया जखारोवा ने कहा, 'ये हमले अंतरराष्ट्रीय कानून को कमजोर कर रहे हैं, जैसे कि दूसरे देशों के अंदर दखल न देना, बल या धमकी का इस्तेमाल न करना, और विवादों को शांति से हल करना। हम चाहते हैं कि तुरंत राजनीतिक और कूटनीतिक रास्ते अपनाए जाएं। रूस हमेशा की तरह शांतिपूर्ण समाधान खोजने में मदद करने को तैयार है। इन कदमों के गंभीर नतीजों को नजरंदाज किया जा रहा है जो वैश्विक परमाणु अप्रसार व्यवस्था को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इस व्यवस्था का आधार NPT (Non-Proliferation Treaty) है। अमेरिकी-इजरायली गठबंधन ईरान को परमाणु हथियार से रोकने की झूठी चिंता दिखा रहा है।'

'हमलावरों का मकसद ईरान के नेतृत्व को खत्म करना है'

रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता ने कहा, 'IAEA की निगरानी वाली परमाणु सुविधाओं पर हमला पूरी तरह अस्वीकार्य है। असल में, अमेरिका और इजरायल का मकसद अप्रसार से नहीं, बल्कि अन्य राजनीतिक हित साधना है। हमलावरों का मकसद साफ है, एक ऐसे देश की संवैधानिक व्यवस्था और नेतृत्व को खत्म करना जो शक्ति और दबाव के आगे नहीं झुका। इस मानव-निर्मित संकट के नकारात्मक नतीजों की पूरी जिम्मेदारी उन्हीं पर है, जिसमें अनपेक्षित प्रतिक्रियाएं और बढ़ती हिंसा शामिल हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इन गैर-जिम्मेदाराना कार्रवाइयों का तुरंत निष्पक्ष मूल्यांकन करना चाहिए, क्योंकि ये क्षेत्र को और अस्थिर कर सकती हैं।'

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Europe से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें विदेश