दुनिया में सबसे बड़े परमाणु धारक देश रूस और अमेरिका हैं। इसके बाद तीसरा नंबर चीन का आता है। दुनिया का सबसे खतरनाक और बड़ा परमाणु बम रूस के पास है।
रूस और चीन से तनावों के बीच अमेरिका ने गुप्त परमाणु परीक्षण कर लिया है। यह दावा रूस की न्यूज एजेंसी आरटी.कॉम द्वारा किया गया है। न्यूक्लियर टेस्ट से जुड़ा इसका एक वीडियो भी सामने आया है। इस सूचना ने दुनिया में हड़कंप मचा दिया है।
रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने बेहद डरावना दावा करके सबको हैरान कर दिया है। उनका कहना है कि रूस ने राष्ट्रपति पुतिन के निर्देशों पर परमाणु परीक्षण को लेकर काम शुरू कर चुका है।
अमेरिका और रूस की न्यूक्लियर आक्रामकता से वैश्विक शांति संधियां कमजोर होंगी। भारत जैसे तटस्थ देशों के लिए यह चुनौती है, क्योंकि रूस प्रमुख रक्षा साझेदार है। यदि वाकई परमाणु परीक्षण होते हैं, तो इन हथियारों की नई होड़ में चीन, उत्तर कोरिया और ईरान भी शामिल हो सकते हैं। कैरेबियन में टकराव से तेल कीमतें चढ़ सकती हैं।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के परमाणु परीक्षण वाले बयानों के बाद अब रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने भी अपने अधिकारियों को न्यूक्लियर टेस्ट का आदेश देकर खलबली मचा दी है।
दुनिया के विभिन्न देशों के बीच चल रहे युद्ध और संघर्षों के बीच परमाणु हथियारों की होड़ लगने लगी है। इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने परमाणु परीक्षण करने के ऐलान ने पूरी दुनिया में हड़कंप मचा दिया है।
आज से 51 साल पहले भारत ने एक ऐसा ऑपरेशन लॉन्च किया था, जिसे देखकर पुरी दुनिया में खलबली मच गई थी। इसका नाम ऑपरेशन स्माइलिंग बुद्धा था। इस ऑपरेशन के बाद से भारत पर अमेरिका ने प्रतिबंध भी लगा दिए थे। आइये जानते है कि ऑपरेशन स्माइलिंग बुद्धा क्या है और इसके नाम के पीछे की क्या कहानी है।
अगर अमेरिका और ब्रिटेन यूक्रेन को रूस पर हमला करने के लिए पश्चिमी मिसाइलों और हथियारों के इस्तेमाल की अनुमति देते हैं तो यह जंग खतरनाक हो सकती है। ऐसे में पुतिन एक नया परमाणु परीक्षण कर सकते हैं। कई विशेषज्ञों ने इस बात का दावा किया है।
चीन से चार कदम आगे चलते हुए उत्तर कोरिया परमाणु बम बनाने का पूरा जतन कर चुका है। संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी ने चेताया है कि किम जोंग उन अमेरिका से मुकाबला करने के लिए अपनी सैन्य ताकत को मजबूत करने के मद्देनजर यह कदम उठा रहे हैं। खुफिया रिपोर्टों के अनुसार उत्तर कोरिया के पास 100 से अधिक परमाणु हथियार हैं।
जब दुनिया रूस-यूक्रेन युद्ध और इजरायल-हमास की जंग का दंश झेल रही है, तब ऐसे वक्त में चालबाज चीन परमाणु परीक्षण की गुप्त तैयारी में जुटा है। चीन अपनी बैलिस्टिक मिसाइलों और परमाणु संचालित हथियारों की क्षमता के परीक्षण व ताकत बढ़ाने को यह तैयारी कर रहा है। न्यूयॉर्क टाइम्स ने सैटेलाइट तस्वीरों के माध्यम से ये दावा किया।
अमेरिका, रूस, चीन, फ्रांस, यूके, भारत-पाकिस्तान और उत्तर कोरिया व इजरायल समेत दुनिया के कई ताकतवर देश परमाणु संपन्न देशों में हैं। अमेरिका और रूस में परमाणु हथियरों को बनाने की दौड़ में सबसे आगे निकलने की बड़ी होड़ लगी है। दुनिया के अन्य देश भी इस दौड़ में पीछे नहीं रहना चाहते।
रूसी संसद के उच्च सदन ने अपने एक फैसले से यूक्रेन से लेकर अमेरिका तक खलबली मचा दी है। रूसी संसद ने परमाणु परीक्षणों पर प्रतिबंध लगाने वाले अनुमोदन को रद्द करने के विधेयक को पारित कर दिया है। अब इसे राष्ट्रपति पुतिन के पास अनुमोदन के लिए भेजा जा रहा है। इससे नए परमाणु परीक्षणों और न्यूक्लियार वार की आशंका बढ़ी है।
पाकिस्तान से 4 वर्षों तक निर्वासित रहने के बाद स्वदेश लौटे पूर्व पीएम नवाज शरीफ चुनावी मोड में आ गए हैं। शनिवार को उन्होंने लाहौर पहुंचते ही पहले लोगों को महंगाई, बेरोजगारी, भुखमरी और गरीबी से बाहर निकालने का सपना दिखाया। फिर 1998 में परमाणु परीक्षण को लेकर कहा अमेरिका इसे रोकवाने के लिए हमें 5 अरब डॉलर दे रहा था।
रूस-यूक्रेन युद्ध में परमाणु हमले के इस्तेमाल की आशंका बढ़ने के बाद अब अमेरिका ने भी परमाणु परीक्षण करने का खुला ऐलान कर दिया है। इससे पूरी दुनिया में दहशत फैल गई है। क्या माना जाए कि तीसरे विश्वयुद्ध की घड़ी अब बेहद नजदीक आने वाली है, आखिर अमेरिका को क्यों अचानक परमाणु परीक्षणों की जरूरत पड़ गई।
उत्तर कोरिया अपने परमाणु कार्यक्रमों को तेजी से अंजाम दे रहा है। इससे दक्षिण कोरिया ही नहीं, बल्कि नाटो देश भी परेशान हो चुके हैं। अमेरिका भी कई बार किम जोंग उनक को चेतावनी दे चुका है। मगर किम जोंग उन मानने का नाम नहीं ले रहे हैं। इससे उत्तर कोरिया के साथ नाटो देशों का तनाव बढ़ना तय है।
परमाणु परीक्षण के बाद देश के तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी खुद धमाके वाली जगह पर गए थे। भारत के महान वैज्ञानिक और पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम की अगुआई में यह मिशन कुछ इस तरह से अंजाम दिया गया कि अमेरिका समेत पूरी दुनिया को इसकी भनक तक नहीं लगी।
दक्षिण कोरिया और अमेरिका के बीच उत्तर कोरिया के बॉर्डर पर चल रहे संयुक्त सैन्य अभ्यास को लेकर किम जोंग उन बेहद खफा हैं। इस दौरान संयुक्त अभ्यास की समय सीमा बढ़ाने जाने से किम जोंग उन समेत उनकी बहन ने भी अमेरिका और दक्षिण कोरिया पर उग्र कार्रवाई की धमकी भी दे डाली है।
North Korea Nuclear Test :दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री पार्क जिन ने कहा कि उत्तर कोरिया अगर इस दिशा में आगे बढ़ता है तो उसे इसकी कीमत चुकानी होगी।
America threatens North Korea: अमेरिका की उप विदेश मंत्री वेंडी शेरमन ने मंगलवार को चेतावनी दी कि अगर उत्तर कोरिया परमाणु परीक्षण विस्फोट करता है तो उसका कड़ा जवाब दिया जाएगा।
पाकिस्तान के रेलमंत्री शेख राशिद ने शनिवार को दावा किया कि तत्कालीन प्रधानमंत्री नवाज शरीफ वर्ष 1998 में भारत के परमाणु परीक्षण के जवाब में परमाणु परीक्षण करने के खिलाफ थे।
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