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रूस के राष्ट्रपति पुतिन से मिले विदेश मंत्री जयशंकर, पहुंचाया पीएम मोदी का संदेश

 Published : Nov 19, 2025 06:49 am IST,  Updated : Nov 19, 2025 06:49 am IST

मॉस्को में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात कर प्रधानमंत्री मोदी की शुभकामनाएं पहुंचाईं और आगामी भारत-रूस शिखर सम्मेलन पर चर्चा की। SCO बैठक में जयशंकर ने आतंकवाद पर भारत की ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति दोहराई और संगठन से मूल सिद्धांतों पर कायम रहने की अपील की।

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विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की। Image Source : X.COM/DRSJAISHANKAR

मॉस्को: विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मंगलवार को मॉस्को में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से पुतिन को शुभकामनाएं और बधाई दीं। यह मुलाकात भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन से पहले हुई है। बैठक के बाद विदेश मंत्री जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर लिखा, 'आज मॉस्को में रूस के राष्ट्रपति पुतिन से मिलकर सम्मानित महसूस कर रहा हूं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की शुभकामनाएं पहुंचाईं। उन्हें आगामी भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन की तैयारियों के बारे में जानकारी दी। साथ ही क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाओं पर भी चर्चा हुई। हमारे रिश्तों को और मजबूत करने के लिए उनके विचार और मार्गदर्शन को बहुत महत्व देता हूं।'

'आतंकवाद का किसी भी रूप में कोई औचित्य नहीं है'

बता दें कि इससे पहले विदेश मंत्री जयशंकर ने शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के अन्य सरकारी प्रतिनिधिमंडलों के प्रमुखों के साथ मिलकर राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात की। जयशंकर ने ‘X’ पर लिखा, 'आज दोपहर SCO के अन्य प्रतिनिधिमंडल प्रमुखों के साथ राष्ट्रपति पुतिन से मिला।' शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के सरकार प्रमुखों की परिषद की बैठक में अपने संबोधन में विदेश मंत्री जयशंकर ने आतंकवाद के खिलाफ भारत का सख्त रुख दोहराया। उन्होंने साफ कहा कि आतंकवाद का किसी भी रूप में कोई औचित्य नहीं है, उससे मुंह नहीं मोड़ा जा सकता और न ही उसे लेकर लीपापोती की जा सकती है।

'आतंकवाद के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनानी होगी'

जयशंकर ने कहा, 'हमें कभी नहीं भूलना चाहिए कि SCO की स्थापना आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद, इन तीन बुराइयों से लड़ने के लिए हुई थी। पिछले वर्षों में ये खतरे और भी गंभीर हो गए हैं। पूरी दुनिया को आतंकवाद के हर रूप के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनानी होगी।' जयशंकर ने यह भी कहा कि भारत को अपने नागरिकों की रक्षा करने का पूरा अधिकार है और वह इसे किसी भी कीमत पर करेगा। साथ ही उन्होंने SCO से अपील की कि वह संगठन के मूल सिद्धांतों पर कायम रहे और सुधारों की जरूरत पर भी जोर दिया। SCO सरकार प्रमुखों की परिषद की 24वीं बैठक 17 और 18 नवंबर को मॉस्को में हुई थी। SCO के सदस्य देशों में भारत, रूस, चीन, पाकिस्तान, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान, ईरान और बेलारूस शामिल हैं। (ANI)

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