1. Hindi News
  2. विदेश
  3. अमेरिका
  4. राजनयिक विवाद के बीच 41 कनाडाई राजनयिकों ने छोड़ा भारत, जानिए क्या बोलीं विदेश मंत्री मेलानी जॉली?

राजनयिक विवाद के बीच 41 कनाडाई राजनयिकों ने छोड़ा भारत, जानिए क्या बोलीं विदेश मंत्री मेलानी जॉली?

 Written By: Deepak Vyas @deepakvyas9826
 Published : Oct 20, 2023 07:44 am IST,  Updated : Oct 20, 2023 07:47 am IST

भारत और कनाडा के बीच चल रहे राजनयिक विवाद के बीच 41 कनाडाई राजनयिकों ने भारत छोड़ दिया है। उन्हें 20 अक्टूबर तक भारत छोड़ना था। इस बात की पुष्टि कनाडा की विदेश मंत्री मेलानी जॉली ने की है। जानिए उन्होंने और क्या कहा?

कनाडा की विदेश मंत्री मेलानी जॉली।- India TV Hindi
कनाडा की विदेश मंत्री मेलानी जॉली। Image Source : FILE

Canada Foreign Minister on India: भारत और कनाडा में राजनयिक विवाद के बीच कनाडा के 41 राजनयिकों ने भारत छोड़ दिया है। इस बा​त की पुष्टि कनाडा की विदेश मंत्री मेलानी जॉली ने की। दरअसल, खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिं​ह निज्जर की हत्या के बाद कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो के अनर्गल आरोप भारत सरकार पर लगाने के बाद से ही दोनों देशों में राजनयिक विवाद है। भारत ने ट्रूडो के गैर जिम्मेदाराना बयान पर कड़ा विरोध दर्ज कराया था। साथ ही कनाडा के कई राजनयिकों को भारत छोड़ने का निर्देश दिया था। इसी बीच अब जाकर 41 कनाडाई राजनयिकों ने भारत छोड़ा है।

जानिए क्या बोलीं कनाडा की विदेश मंत्री?

इस संबंध में कनाडा की विदेश मंत्री जॉली ने कहा कि भारत ने औपचारिक रूप से घोषणा की थी कि 20 अक्टूबर तक 21 राजनयिकों और उनके परिजनों को छोड़कर सभी राजनयिकों की प्रतिरक्षा रद्द कर दी जाएगी। भारत के फैसले के कारण 41 राजनयिकों और उनके आश्रितों की अनैतिक रूप से प्रतिरक्षा हटाना गलत है। इससे हमारे राजनयिकों को खतरा होता। यह अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन है।

21 कनाडाई राजनयिक अभी भी भारत में

जॉली ने कहा कि 21 राजनयिक अभी भारत में ही हैं। लेकिन, कर्मचारियों की कमी के कारण भारत में कई सेवाओं को सीमित करना पड़ेगा। बेंगलुरु, मुंबई और चंडीगढ़ में इससे सबसे अधिक परेशानी होगी। अब दोबारा यह सेवाएं कब बहाल होंगी, इस बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता है। जॉली ने आगे कहा कि कनाडा भारत के इस फैसले का कोई जवाब नहीं देगा। वे राजनयिक प्रतिरक्षा के मानदंडों को नहीं तोड़ेंगे। 

तनाव के बीच भारतीयों का कनाडा में स्वागत

अधिकारियों का कहना है कि इस फैसले से भारतीय नागरिक सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे। खासकर वे छात्र, जो कनाडा आकर पढ़ना चाहते हैं। 2022 में अस्थाई और स्थाई निवासी का आवेदन करने वालों में भी सबसे अधिक भारतीय थे। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि वह तनाव के बाद भी भारतीय लोगों का स्वागत करते हैं, जो वहां आना चाहते हैं। 

कनाडाई पीएम ने दी नवरात्रि की बधाई

बता दें कि भारत पर दिए गए अपने गैरजिम्मेदाराना बयान के कारण अपने ही देश में घिरे कनाडा के जस्टिन ट्रूडो को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी नेताओं की आलोचना झेलना पड़ी थी। ऐसे समय उन्होंने अनर्गल आरोप लगा दिए, जबकि निज्जर की हत्या की जांच ही नहीं पूरी हुई। भारत ने इस कारण ट्रूडो के बयान पर कड़ा विरोध दर्ज कराया था। खिसियाए जस्टिन ट्रूडो ने 'डैमेज कंट्रोल' करने के लिए भारतीयों को नवरात्रि पर पर बधाई दी।

 

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। US से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें विदेश