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ईरान के फोर्डो न्यूक्लियर प्लांट पर 14000 kg का बम गिरने के बाद क्या हुआ, अमेरिकी फाइटर पायलट ने बताया

 Published : Jun 27, 2025 02:48 pm IST,  Updated : Jun 27, 2025 02:48 pm IST

अमेरिका ने ईरान के फोर्डो न्यूक्लियर प्लांट पर हमला किया था। इस हमले के लिए अमेरिका ने अपने B-2 स्टील्थ बॉम्बर्स का इस्तेमाल किया था। अब इसी फाइटर प्लेन को उड़ा रहे एक पायलट ने बड़ी बात कही है।

US B-2 bomber- India TV Hindi
US B-2 bomber Image Source : AP

Iran Fordo Nuclear Site Attack: इजरायल और ईरान के बीच जंग के दौरान अमेरिका ने 22 जून को ईरान पर भीषण हवाई हमला किया था। अमेरिका की ओर से इसे ऑपरेशन मिडनाइट हैमर नाम दिया गया था। इस ऑपरेशन के तरत अमेरिकी एयरफोर्स ने B-2 स्टील्थ बॉम्बर्स का इस्तेमाल किया था और ईरान के परमाणु ठिकानों पर 14000 किलोग्राम के भारी भरकम बम गिराए थे। अब इस ऑपरेशन का हिस्सा रहे अमेरिकी पायलट ने बताया है कि जब बम गिरे थे तो क्या हुआ था। 

US ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ ने क्या कहा?

अमेरिका के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन ने बताया कि 37 घंटे लंबे ऑपरेशन मिडनाइट हैमर में शामिल क्रू मेंबर्स ने शानदार काम किया। इसे पुरुषों और महिलाओं के एक बड़े दल ने अंजाम दिया गया था। उन्होंने ईरान के परमाणु ठिकानों को निशाना बनाने के लिए B-2 स्टील्थ बॉम्बर्स उड़ाने वाले अमेरिकी लड़ाकू पायलट के ऑपरेशन के दौरान के अनुभव को भी साझा किया है।

ऐसा धमाका कभी नहीं देखा

जनरल केन ने ऑपरेशन में शामिल एक पायलट के हवाले से कहा, 'मैंने ऐसा धमाका पहले कभी नहीं देखा था। यह मेरी जिंदगी का सबसे भीषण ब्लास्ट था, जब ईरान के फोर्डो स्थित परमाणु ठिकाने पर बम गिराया गया तो इतनी रोशनी और आग फैली कि यह दिन के उजाले जैसा लगा।' केन ने कहा कि जब टीम मिशन पर निकली थी तो उन्हें नहीं पता था कि वो घर लौटेंगे या नहीं। राहत की बात यह रही कि मिशन को अंजाम देने के बाद सभी सुरक्षित वापस लौट आए। 

Iran Fordo Nuclear Site
Image Source : APIran Fordo Nuclear Site

ट्रंप के निर्देश पर किए गए हमले

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर किए हमलों में ईरान के तीन परमाणु संयंत्रों फोर्डो, नतांज और इस्फहान को निशाना बनाया गया था। तीनों में से फोर्डो को सबसे चुनौतीपूर्ण माना जाता था, जो एक पहाड़ के भीतर बनाया गया था। यह लगभग हर तरह के हमले से बचने के लिए मजबूत था। केन के अनुसार फोर्डो परमाणु संयंत्र में दो प्रमुख वेंटिलेशन मार्ग थे, जिनमें से प्रत्येक में पिचफोर्क के आकार का डिजाइन था, जिसमें दो छोटे शाफ्ट थे। ऑपरेशन से कुछ ही दिन पहले, ईरान ने इन वेंट को कंक्रीट स्लैब से सील करने का प्रयास किया था।

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