1. Hindi News
  2. विदेश
  3. अमेरिका
  4. जंग के बीच इस देश ने ट्रंप को दिखाई आंख! रोक दिया अमेरिका के दूतावास का डीजल

जंग के बीच इस देश ने ट्रंप को दिखाई आंख! रोक दिया अमेरिका के दूतावास का डीजल

 Edited By: Vinay Trivedi
 Published : Mar 21, 2026 12:12 pm IST,  Updated : Mar 21, 2026 12:21 pm IST

Havana US Embassy Diesel: अमेरिकी महाद्वीप के एक देश ने ट्रंप प्रशासन की परेशानी बढ़ा दी है। उसने अपने देश में मौजूद अमेरिकी दूतावास का डीजल रोक दिया है, जिसका इस्तेमाल जनरेटर चलाने के लिए होना था।

Cuba us embassy- India TV Hindi
अमेरिकी दूतावास का डीजल क्यूबा में रोक दिया गया है। Image Source : AP

Cuba US Relations: अमेरिका और क्यूबा के बीच टेंशन फिर से बढ़ गई है। हाल ही में क्यूबा सरकार ने हवाना में मौजूद अमेरिकी दूतावास को अपने जनरेटर के लिए डीजल इम्पोर्ट करने की इजाजत देने से इनकार कर दिया। यह निर्णय ऐसे वक्त में आया है जब ट्रंप का प्रशासन क्यूबा पर ईंधन नाकेबंदी बनाए रखे हुए है। सूत्रों के मुताबिक, डीजल की कमी की वजह से अमेरिकी विदेश विभाग हवाना के दूतावास में कर्मचारियों की संख्या घटाने पर सोच रहा है। अगर ऐसा होता है, तो अमेरिका, वॉशिंगटन में मौजूद क्यूबा के दूतावास में भी कर्मचारियों की कटौती की डिमांड कर सकता है, जिससे दोनों देशों के संबंधों में और खटास आ सकती है।

क्यूबा-अमेरिका में तेल पर तनातनी

जान लें कि क्यूबा के एनर्जी संकट के हालात पहले से ही गंभीर है। क्यूबा को अमेरिका की तरफ से वेनेजुएला से तेल सप्लाई रुकवाने के बाद बड़ा झटका लगा है, क्योंकि वेनेजुएला उसका अहम तेल सप्लायर रहा है। अमेरिका ने इसके बाद उन देशों पर भी प्रेशर बनाया है जो क्यूबा को ऑयल बेचते हैं, यहां तक कि उसने टैरिफ लगाने की चेतावनी भी दी है।

अमेरिका के पड़ोस में गहरा रहा बिजली संकट

इसका प्रभाव क्यूबा की आम पब्लिक पर साफ नजर आ रहा है। यहां बिजली संकट गहरा रहा है, जिससे खाने-पीने की चीजें खराब हो जा रही हैं। क्यूबा के अस्पतालों में सर्जरी को टालना पड़ रहा है। यूनिवर्सिटी में क्लासेस कम कर दी गई हैं। हालांकि, क्यूबा अपने नेचुरल गैस, सोलर एनर्जी और घरेलू तेल से बिजली बनाने का प्रयास कर रहा है, लेकिन यह डिमांड पूरी करने के लिए काफी नहीं है।

क्यूबा में सियासी बदलाव का प्रेशर बना रहा अमेरिका

गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप, क्यूबा में सियासी बदलाव के लिए प्रेशर बना रहे हैं। अमेरिका की इच्छा है कि क्यूबा सियासी कैदियों को रिहा करे। इसके साथ ही, आर्थिक और राजनीतिक सुधारों को अपने देश मं लागू करे। तभी बैन में राहत दी जाएगी।

ये भी पढ़ें- ईरान ने 4000 किमी दूर कर दिया मिसाइल अटैक, डिएगो गार्सिया में अमेरिका और ब्रिटेन के अड्डे को बनाया निशाना

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। US से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें विदेश