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James Web Galaxy: जेम्स वेब टेलीस्कोप ने खींची दो गैलक्सी की टक्कर से बनी दुर्लभ रिंग गैलेक्सी की तस्वीर, 44 करोड़ साल तक फैलती रही

 Written By: Shilpa
 Published : Aug 04, 2022 03:54 pm IST,  Updated : Aug 04, 2022 04:02 pm IST

ये गैलेक्सी स्पाइरल गैलेक्सी की तुलना में दुर्लभ होती हैं। जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप की क्षमताओं ने खगोलविदों को नई उम्मीद दिखाई है। उन्हें पता चल पा रहा है कि कैसे गैलेक्सी के भीतर अलग-अलग सितारे और ब्लैक होल बनते हैं।

James Web Space Telescope-Ring Galaxy- India TV Hindi
James Web Space Telescope-Ring Galaxy Image Source : NASA

Highlights

  • जेम्स वेब टेलीस्कोप ने ली रिंग गैलेक्सी की तस्वीर
  • नासा ने जारी की दुर्लभ गैलेक्सी की तस्वीर
  • हबल जैसे दूसरे टेलीस्कोप से अलग है जेम्स

James Webb Galaxy: जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप आए दिन अंतरिक्ष की दुनिया में नई खोज कर रहा है। अब इस टेलीस्कोप ने एक दुर्लभ गैलेक्सी का पता लगाया है। टेलीस्कोप से ली गई तस्वीरों में एक कार्टव्हील गैलेक्सी यानी कि रिंग गैलेक्सी नजर आ रही है। जो पृथ्वी से 500 मिलियन प्रकाश वर्ष की दूरी पर स्थित है। ये गैलेक्सी एक बड़ी स्पाइरल गैलेक्सी और एक छोटी स्पाइरल गैकेक्सी के टकराने से बनी है। जब कभी भी गैलेक्सी आपस में टकराती हैं, तब उनका आकार बदल जाता है। फिर बाद में इन्हीं स्पाइरल गैलेक्सी का अस्तित्व समाप्त हो जाता है।   

ये कार्टव्हील गैलेक्सी दिखने में बिलकुल घोड़ा गाड़ी के पहिए की तरह लग रही है। इसके आसपास एक रंगीन पहिया और बीच में एक चमकदार रिंग है। हालांकि टक्कर के चलते दोनों एक दूसरे से दूर हो गए। इन खूबियों से ही वैज्ञानिकों ने कार्टव्हील गैलेक्सी को रिंग गैलेक्सी बताया है। ये गैलेक्सी स्पाइरल गैलेक्सी की तुलना में दुर्लभ होती हैं। जेम्स वेब स्पेस टेलिस्कोप की क्षमताओं ने खगोलविदों को नई उम्मीद दिखाई है। उन्हें पता चल पा रहा है कि कैसे गैलेक्सी के भीतर अलग-अलग सितारे और ब्लैक होल बनते हैं।

44 मिलियन वर्षों से फैल रही है गैलेक्सी

इन नई तस्वीरों से पता चला है कि गैलेक्सी अरबों वर्षों में किस तरह विकसित हुई है। तस्वीरों में सितारों का एक क्लस्टर भी दिखा है, जो रिंग के अंदर गर्म धूल के बीच बन रहा था। गैलेक्सी की बाहरी रिंग बीते 44 मिलियन साल से फैल रही है। ये वही जगह है, जहां सितारों का जन्म होता है और यहीं पर सितारों में विस्फोट होता है। जैसे ही रिंग बढ़ता है, वह गैस से टकराता है, जिससे नए सितारों का जन्म होता है। इस तस्वीर में गैलेक्सी के पास दो छोटी गैलेक्सी भी दिखाई दे रही हैं।

इससे पहले हबल और अन्य टेलीस्कोप ने भी कार्टव्हील गैलेक्सी का अध्ययन किया है लेकिन धूल की वजह से मिल्की वे का रहस्य साफ नहीं हो पाया है। वहीं जेम्स वेब की बात करें, तो यह एक इन्फ्रारेड टेलीस्कोप है। यह इंसानी आंखों को दिखाई न देने वाली रोशनी को भी देख सकता है। यही वजह है ये टेलीस्कोप उन जानकारियों को भी हासिल कर सकता है, जो अन्य टेलीस्कोप नहीं कर पाते। वेब टेलीस्कोप ने आधिकारिक तौर पर अपना काम 12 जुलाई, 2022 से शुरू किया था। इसी दिन नासा ने इससे ली गई पहली तस्वीर जारी की थी। 

गैलेक्सी की तस्वीर भी ली

इससे पहले जेम्स वेब ने खूबसूरत स्पाइरल गैलेक्सी Messier 74 (या NGC 628) की तस्वीर ली थी, जो हमसे 32 मिलियन प्रकाश वर्ष की दूरी पर स्थित है। जिसमें 100 बिलियन सितारे हैं। यह स्पाइरल गैलेक्सी का सबसे अच्छा उदाहरण है। जेम्स वेब टेलीस्कोप ने NIR कैमरा यानी (नियर इन्फ्रारेड कैमरा) के इस्तेमाल से दूर स्थित इस गैलेक्सी की तस्वीर ली है। वैज्ञानिक गैलेक्सी की तस्वीर में इसलिए दिलचस्पी नहीं ले रहे कि यह बहुत खूबसूरत है। बल्कि इसलिए दिलचस्पी ले रहे हैं क्योंकि उनका मानना है कि इसके केंद्र में ब्लैक होल मौजूद है। 22 जुलाई को गैलेक्सी की तस्वीर शेयर करते हुए नासा ने इसके बारे में अपने ब्लॉग पोस्ट में जानकारी दी थी।

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