1. Hindi News
  2. विदेश
  3. अमेरिका
  4. ट्रंप ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग को पत्र लिखकर कहा- 'ना दें ईरान को हथियार', जानें बीजिंग का जवाब

ट्रंप ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग को पत्र लिखकर कहा- 'ना दें ईरान को हथियार', जानें बीजिंग का जवाब

 Published : Apr 15, 2026 04:12 pm IST,  Updated : Apr 15, 2026 06:04 pm IST

ट्रंप ने इस बार चीन की तरफ उंगली घुमाई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बताया है कि उन्होंने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग को पत्र लिखा है। इस पत्र में मांग की गई है कि चीन ईरान को हथियारों की सप्लाई ना करे।

Donald Trump (L), Xi Jinping (R)- India TV Hindi
Donald Trump (L), Xi Jinping (R) Image Source : AP

Israel US Iran War: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उन्होंने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग को एक पत्र लिखा जिसमें कहा गया था कि बीजिंग ईरान को हथियारों की सप्लाई ना करें। ट्रंप ने बताया कि इसके जवाब में राष्ट्रपति शी ने भी खत लिखकर कहा कि वो ऐसा नहीं कर रहे हैं। अमेरिकी मीडिया आउटलेट्स ने रिपोर्ट किया है कि अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने संकेत दिया था कि चीन ईरान को आधुनिक हथियार भेजने की तैयारी कर रहा था। ट्रंप ने यह भी कहा है कि उन्हें लगता है कि तेल की कीमतें फिर से उसी स्तर पर आ जाएंगी जिस पर वो पहले थीं।

 

'चीन बहुत खुश है'

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने Truth Social पर पोस्ट कर कहा, "चीन बहुत खुश है कि मैं Strait of Hormuz को हमेशा के लिए खोल रहा हूं। मैं यह उनके लिए भी कर रहा हूं और दुनिया के लिए भी। ऐसी स्थिति फिर कभी नहीं आएगी। वो इस बात पर सहमत हो गए हैं कि वो ईरान को हथियार नहीं भेजेंगे। जब मैं कुछ हफ्तों में वहां पहुंचूंगा तो राष्ट्रपति शी मुझे जोर से गले लगाएंगे"

चीन ने पेश किया 4 सूत्रीय प्रस्ताव

इस बीच यहां यह भी बता दें कि, चीन की सरकारी न्यूज एजेंसी शिन्हुआ की एक रिपोर्ट के अनुसार, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने मध्य पूर्व में शांति को बढ़ावा देने के लिए 4 सूत्रीय प्रस्ताव पेश किया है। चीन की ओर से यह प्रस्ताव ऐसे समय पर पेश किया गया है जब पाकिस्तान में वार्ता असफल रहने के बाद अमेरिका और ईरान इस बात पर विचार कर रहे हैं कि क्या युद्धविराम की समय सीमा समाप्त होने से पहले बातचीत का एक और दौर संभव है।

प्रस्ताव में क्या कहा गया?

शिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार शी ने अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायेद अल नाहयान के साथ एक बैठक के दौरान यह प्रस्ताव पेश किया। इसमें चार मुख्य बिंदु प्रस्तावित हैं। 

पहला: मध्य पूर्व और खाड़ी क्षेत्र के देशों के बीच शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व का सिद्धांत हो। इसमें इन देशों से आग्रह किया कि वो मध्य पूर्व और खाड़ी क्षेत्र के लिए एक स्थायी सुरक्षा ढांचा स्थापित करने के लिए आपसी संबंधों को बेहतर बनाएं।

दूसरा: खाड़ी क्षेत्र के देशों से राष्ट्रीय संप्रभुता के सिद्धांत का सम्मान करने का आह्वान किया गया है। इसमें कहा गया है कि इसका किसी भी हाल में उल्लंघन नहीं होना चाहिए। इसमें मध्य पूर्व और खाड़ी क्षेत्र के देशों की सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करने की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया गया है।

तीसरा: प्रस्ताव में कहा गया है कि दुनिया को फिर से अराजकता की स्थिति में जाने से रोकने के लिए अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था को मजबूती से बनाए रखना जरूरी है, जिसके केंद्र में UN हो।

चौथा: प्रस्ताव में कहा गया है कि सभी देशों को विकास और सुरक्षा के मामले में एक साथ लाने की कोशिश करनी चाहिए। चीन क्षेत्रीय प्रगति को मजबूत करने के लिए अपने आधुनिकीकरण के प्रयासों को साझा करेगा।

चीन ने अमेरिका को आड़े हाथों लिया

इस बीच यहां यह भी बता दें कि, चीन ने ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी को लेकर संयुक्त राज्य अमेरिका पर खतरनाक और गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार का आरोप लगाया। साथ ही शी ने वादा किया कि बीजिंग मध्य पूर्व में शांति को बढ़ावा देने में रचनात्मक भूमिका निभाएगा। वाशिंगटन और तेहरान के बीच शांति वार्ता विफल होने के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सख्त बयान देते हुए ईरान के बंदरगाहों पर नाकेबंदी का आदेश दिया था।

यह भी पढ़ें:

Iran US War: अमेरिका ने दी चीन को बड़ी धमकी, कहा-ईरान से बीजिंग नहीं जा पाएगा एक बूंद भी तेल

ईरान-अमेरिका तनाव में चीन की एंट्री, होर्मुज पर नाकेबंदी को लेकर अमेरिका को दी कड़ी चेतावनी

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। US से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें विदेश