1. Hindi News
  2. विदेश
  3. अमेरिका
  4. UN ने दुनियाभर की 68 कंपनियों को किया ब्लैक लिस्टेड, अमेरिका से लेकर चीन और कनाडा तक लपेटे में

UN ने दुनियाभर की 68 कंपनियों को किया ब्लैक लिस्टेड, अमेरिका से लेकर चीन और कनाडा तक लपेटे में

 Published : Sep 26, 2025 07:20 pm IST,  Updated : Sep 26, 2025 07:20 pm IST

संयुक्त राष्ट्र ने दुनियाभर की 68 कंपनियों को ब्लैक लिस्ट कर दिया है। इन सभी पर मानवाधिकार उल्लंघन में शामिल होने का आरोप है।

संयुक्त राष्ट्र। - India TV Hindi
संयुक्त राष्ट्र। Image Source : AP

जिनेवा: संयुक्त राष्ट्र ने एक मामले में दुनियाभर की 68 कंपनियों को काली सूची में डाल दिया है। इसमें अमेरिका, कनाडा और चीन से लेकर इजरायल जैसे देश शामिल हैं। अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन नहीं करने और मानवाधिकारों के उल्लंघन में संलिप्तता के चलते यूएन ने यह कदम उठाया है। इससे अमेरिका को भी इस बार तगड़ा झटका लगा है। आइये अब आपको बताते हैं कि पूरा मामला क्या है?

वेस्ट बैंक से जुड़ा है विवाद

यह मामला इजरायल के कब्जे वाले वेस्ट बैंक से जुड़ा है। आरोप है कि वेस्ट बैंक में इजरायली बस्तियों के साथ व्यापारिक संबंधों के जरिये फिलस्तीनियों के मानवाधिकारों के उल्लंघन में दुनिया भर की 68 कंपनियों की संलिप्तता मिली है। इसके बाद यूएन ने बड़ा कदम उठाते हुए इन सभी 68 कंपनियों को शुक्रवार को काली सूची में डाल दिया। काली सूची में उन कंपनियों को शामिल किया गया है, जो वेस्ट बैंक में ज्यादातर लोगों की ओर से अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अवैध मानी जानी वाली इजरायली बस्तियों को सहयोग एवं सहायता प्रदान करती हैं।

कौन-कौन सी कंपनियां हैं शामिल?

काली सूची में डाली गई इन कंपनियों में निर्माण सामग्री और खुदाई मशीनों की आपूर्ति करने वाली कंपनियों से लेकर सुरक्षा, यात्रा और वित्तीय सेवाएं प्रदान करने वाली कंपनियां शामिल हैं। ‘डेटाबेस ऑफ कंपनी’ नाम की इस सूची में अब कुल 158 कंपनियां हैं, जिनमें से ज्यादातर इजरायल की हैं। वहीं, अन्य कंपनियां अमेरिका, कनाडा, चीन, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, स्पेन, पुर्तगाल, नीदरलैंड और लक्जमबर्ग जैसे देशों से ताल्लुक रखती हैं। शुक्रवार को सूची में 68 नयी कंपनियों को शामिल किया गया, जबकि सात को बाहर कर दिया गया। इस दौर के मूल्यांकन में कुल 215 व्यावसायिक उद्यम शामिल किए गए थे। सूची में डाली गई नयी कंपनियों में जर्मनी की भवन निर्माण सामग्री निर्माता कंपनी हीडलबर्ग मैटेरियल्स, पुर्तगाली रेल प्रणाली प्रदाता स्टेकॉन्फर और स्पेन की परिवहन इंजीनियरिंग कंपनी इनेको शामिल हैं।

इजरायल को हो सकती है सबसे ज्यादा मुश्किल

संयुक्त राष्ट्र के इस फैसले से इजरायल को सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। संयुक्त राष्ट्र के प्रमुख मानवाधिकार निकाय ने इस सूची को बनाने के लिए लगभग एक दशक पहले एक प्रस्ताव पारित किया था और तब से इजरायल इसकी तीखी आलोचना करता रहा है। यह संशोधन ऐसे समय में इजरायल को और अलग-थलग कर सकता है, जब उसके कुछ यूरोपीय सहयोगियों ने गाजा पट्टी में जारी युद्ध के बीच एक स्वतंत्र फिलस्तीनी राष्ट्र को मान्यता दे दी है। (एपी)

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। US से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें विदेश