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कौन हैं विवेक रामास्वामी, जिन्हें ट्रंप बनाना चाहते हैं ओहायो का गवर्नर; जानें भारत से क्या है रिश्ता

 Published : Nov 08, 2025 04:07 pm IST,  Updated : Nov 08, 2025 04:07 pm IST

अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी की ओर से डोनाल्ड ट्रंप को आरंभिक चुनौती देने वाले विवेक रामास्वामी ओहायो के गवर्नर बनने के करीब हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने खुद उनका नाम आगे बढ़ाया है और उनकी जमकर तारीफ की है।

विवेक रामास्वामी, भारतीय मूल के अमेरिकी नेता। - India TV Hindi
विवेक रामास्वामी, भारतीय मूल के अमेरिकी नेता। Image Source : AP

वाशिंगटनः अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने लंबे समय बाद विवेक रामास्वामी की जमकर सराहना की है। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट में विवेक रामास्वामी को "यंग, स्ट्रॉन्ग एंड स्मार्ट" बताया और कहा कि वह "स्पेशल" हैं। उन्होंने रामास्वामी को 2026 के ओहायो गवर्नर चुनाव के लिए औपचारिक रूप से समर्थन दिया। ट्रंप के इस कदम से रिपब्लिकन पार्टी में हलचल मच गई है। 

ट्रंप ने विवेक रामास्वामी की तारीफ में क्या लिखा

ट्रंप ने लिखा, "विवेक हमेशा अमेरिका से प्यार करते हैं और एक अच्छे इंसान हैं। ओहायो को उनसे बेहतर गवर्नर नहीं मिल सकता।" यह एंडोर्समेंट रामास्वामी के लिए बड़ा बूस्ट है, जो हाल ही में जीओपी की योजनाओं की आलोचना करने के बाद सुर्खियों में थे। 


कौन हैं विवेक रामास्वामी

विवेक गणपति रामास्वामी भारतीय मूल के अमेरिकी नेता हैं, जो रिपबल्किन पार्टी से जुड़े हैं। वह 2024 में अमेरिका में रिपब्लिकन पार्टी के राष्ट्रपति उम्मीदवार बनने की होड़ में थे। वह ट्रंप के प्रतिद्वंद्वी थे। मगर उन्होंने बाद में अपना नाम वापस ले लिया था। विवेक रामास्वामी  का जन्म 9 अगस्त 1985 को ओहायो के सिनसिनाटी में हुआ। वह अमेरिकी उद्यमी, बायोटेक फार्मा कंपनी रोइवेंट साइंसेज के संस्थापक हैं। हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से जीवविज्ञान में स्नातक और येल लॉ स्कूल से कानून की डिग्री हासिल करने वाले रामास्वामी ने 2014 में रोइवेंट की स्थापना की, जो आज अरबों डॉलर की कंपनी है। उनकी संपत्ति करीब 100 करोड़ डॉलर आंकी जाती है। 

राजनीति में कैसे हुआ आना

विवेक रामास्वामी का राजनीति में प्रवेश 2023 में हुआ, जब उन्होंने 2024 के प्रेसिडेंशियल रेस में रिपबल्किन पार्टी के राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनने की लड़ाई लड़ी। हालांकि प्राइमरी में हार के बाद उन्होंने ट्रंप का समर्थन किया और ट्रंप प्रशासन में "डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी" (DOGE) के सह-मुख्य कार्यकारी बने। यहां उनकी भूमिका सरकारी खर्चों में कटौती और नौकरशाही सुधार पर केंद्रित है। रामास्वामी का भारत से गहरा रिश्ता है। उनके माता-पिता भारतीय इमिग्रेंट हैं। पिता वी. गणपति रामास्वामी केरल के मूल निवासी हैं और अभी भी भारतीय पासपोर्ट रखते हैं। वे जनरल इलेक्ट्रिक में इंजीनियर रहे। मां गीता रामास्वामी कर्नाटक के मैसूर मेडिकल कॉलेज से ग्रेजुएट हैं और अमेरिका में जेरिएट्रिक साइकियाट्रिस्ट के रूप में काम करती रहीं। 

ब्राह्मण परिवार से रखते हैं ताल्लुक

विवेक रामास्वामी तमिल बोलने वाले ब्राह्मण परिवार से हैं, जहां बचपन से संस्कृत और हिंदू दर्शन की शिक्षा मिली। वह अपनी हेरिटेज से गर्व महसूस करते हैं, लेकिन "इंडियन-अमेरिकन" लेबल से बचते हैं। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा, "मैं अमेरिकी हूं, लेकिन मेरी जड़ें भारत में हैं।" उन्होंने अपनी किताब "वोक" में इमिग्रेंट्स की चुनौतियों का जिक्र किया, जो उनके परिवार की कहानी से प्रेरित है। ट्रंप का यह समर्थन ओहायो जैसे महत्वपूर्ण राज्य के लिए रणनीतिक है, जहां रामास्वामी की लोकप्रियता बढ़ रही है। इससे आगामी 2026 चुनाव में जीओपी के लिए उनकी उम्मीदवारी मजबूत हो गई है।

रामास्वामी ने एंडोर्समेंट पर ट्रंप को धन्यवाद देते हुए कहा, "अमेरिका फर्स्ट एजेंडा को आगे बढ़ाएंगे।" हालांकि, कुछ आलोचक उनके हिंदू राष्ट्रवाद से जुड़े विचारों पर सवाल उठाते हैं। फिर भी, भारतीय-अमेरिकी समुदाय में उनकी सफलता प्रेरणा स्रोत बनी हुई है। रामास्वामी का उदय अमेरिकी राजनीति में विविधता का प्रतीक है, जो भारत-अमेरिका संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जा सकता है।

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