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ममदानी की जीत से कैसे बदल जाएगी अमेरिका की सियासत? ट्रंप स्टाइल पॉलिटिक्स को मिला कड़ा जवाब

 Edited By: Malaika Imam @MalaikaImam1
 Published : Nov 05, 2025 01:18 pm IST,  Updated : Nov 05, 2025 01:23 pm IST

जोहरान ममदानी ने न्यूयॉर्क मेयर बनकर इतिहास तो रच दिया है, लेकिन उनकी जीत ने न्यूयॉर्क सिटी को अमेरिका की राजनीति का सबसे बड़ा अखाड़ा बना दिया है।

जोहरान ममदानी - India TV Hindi
जोहरान ममदानी Image Source : PTI

न्यूयॉर्क अमेरिका का सबसे बड़ा शहर है, जहां के मेयर भारतीय मूल के जोहरान ममदानी बन गए हैं। लेकिन ममदानी की इस जीत ने न्यूयॉर्क सिटी को अमेरिका की राजनीति का सबसे बड़ा अखाड़ा भी बना दिया है। दरअसल, जोहरान ममदानी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के धुर विरोधी हैं और राष्ट्रवाद की सार्वजनिक आलोचना करते हैं। वह रिपब्लिकन के खिलाफ हैं। उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवार कर्टिस स्लीवा को भारी मतों से शिकस्त दी है।

वहीं, ट्रंप पहले ही ममदानी को डिपोर्ट तक करने की बात कह चुके हैं।  ट्रंप ने ममदानी को 'कम्युनिस्ट' करार दिया है और धमकी दी है कि अगर ममदानी को जीत मिलती है तो वे फेडरेल फंडिंग रोक देंगे।  ऐसे में ममदानी के न्यूयॉर्क मेयर बनने के बाद शहर में एक साथ चार भयंकर टकराव शुरू हो गए हैं, जो पूरे देश को हिला सकते हैं।

1. संघीय विवाद की दरार, शहर बनाम 'संयुक्त राज्य'

जोहरान ममदानी की जीत संघवाद की सीधी परीक्षा है। डोनाल्ड ट्रंप और जोहरान ममदानी के बीच धुर राजनीतिक मतभेद हैं। ट्रंप पहले ही धमकी दे चुके हैं कि अगर ममदानी जीत गए तो वे फेडरेल फंडिंग रोक देंगे। ऐसे में ममदानी की जीत ने न्यूयॉर्क सिटी को वित्तीय स्थिरता को लेकर एक कठिन परिस्थिति की तरफ ला खड़ा कर दिया है। न्यूयॉर्क सिटी अब स्थानीय स्वायत्तता और संघीय शक्ति के टकराव का तात्कालिक मैदान बन गया है।

2. ट्रंप के MAGA का जादू खत्म!

यह जीत डोनाल्ड ट्रंप के "अमेरिका फर्स्ट" और "मेक अमेरिका ग्रेट अगेन" (MAGA) वाली सोच के लिए भी किसी भूचाल से कम नहीं है। ममदानी जैसे युवा, अप्रवासी और समाजवादी नेता ने दिखा दिया कि बड़े शहर में लोग अब संस्कृति और शिकायत की बातों में नहीं उलझते। वे चाहते हैं सीधे काम की बात- जैसे सबके लिए सस्ता घर और अच्छी नौकरी। यह साबित करता है कि ट्रंप स्टाइल की राजनीति अब हर जगह नहीं चलती।

जोहरान ममदानी और उनकी पत्नी रमा दुवाजी
Image Source : PTIजोहरान ममदानी और उनकी पत्नी रमा दुवाजी

3. धर्म और राजनीति का मेल, समुदाय में तनाव

ममदानी फिलिस्तीन का खुलकर समर्थन करते हैं और इजराइल (ज़ायोनी विरोधी) पर सख्त राय रखते हैं। इसे लेकर न्यूयॉर्क के शक्तिशाली यहूदी समुदाय में बेचैनी है। उन पर लगे 'हिंदुफोबिया' जैसे आरोपों ने मामले को और उलझा दिया है। ऐसे में उनकी वैश्विक सोच शहर के अलग-अलग समुदायों के बीच गहरा धार्मिक और वैचारिक तनाव पैदा कर सकती है। शहर को एकजुट रखना एक बड़ी चुनौती है।

4. 'अमीरों पर टैक्स' का खतरा

जोहरान ममदानी का सबसे बड़ा नारा "अमीरों पर टैक्स लगाओ" है। इससे यह आशंका पैदा हो गया है कि उच्च आय वाले न्यू यॉर्कर्स का सामूहिक धन पलायन हो सकता है। अगर अमीर लोग चले गए, तो शहर का टैक्स कलेक्शन गिर जाएगा। ममदानी ने जो सुधारों का वादा किया है, उनके लिए पैसा नहीं बचेगा और शहर का बजट धड़ाम हो सकता है।

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