NHAI के GM को सीबीआई ने रंगे हाथों घूस लेते हुए गिरफ्तार किया है। सीबीआई ने जब उन्हें पकड़ा तो वे 15 लाख रुपये घूस ले रहे थे। सीबीआई ने जीएम के साथ 3 और लोगों को भी गिरफ्तार किया है। जीएम का नाम रामप्रीत पासवान बताया जा रहा है, वे पटना रीजनल ऑफिस में अभी तैनात हैं। वहीं, एनएचआई ने उनके घर छापेमारी भी की, जिसमें करोड़ों रुपये कैश भी बरामद किए गए हैं।
1.18 करोड़ कैश बरामद
सीबीआई ने मामले में बताया कि आज एनएचएआई के GM समेत 4 आरोपियों और एक निजी कंपनी के महाप्रबंधक समेत तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। इन लोगों ने एनएचएआई के अनुबंधों/कार्यों से संबंधित बिलों को संसाधित करने और पास करने में अनुचित लाभ पहुंचाने के लिए अवैध रूप से 15 लाख रुपये की रिश्वत का तुरंत आदान-प्रदान किया। इस संबंध में की गई छापेमारी में 1.18 करोड़ रुपये नकद (लगभग) बरामद हुए है। सीबीआई ने 22 मार्च को एनएचएआई के चीफ जनरल मैनेजर/जनरल मैनेजर (जीएम)/अन्य सीनियर रैंक के 6 अधिकारियों, एक निजी कंपनी, निजी कंपनी के चार सीनियर अधिकारी सहित दो जीएम के अलावा एक अन्य निजी ठेकेदार और अज्ञात अन्य सरकारी अधिकारी और निजी व्यक्तियों समेत 12 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
क्या है आरोप
इन सभी पर आरोप लगाया गया कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के आरोपी अधिकारी, निजी कंपनी के आरोपी प्रतिनिधियों के साथ मिलीभगत करते हुए, घूस के बदले में आरोपी निजी कंपनी को दिए गए एनएचएआई के अनुबंधों/कार्यों से संबंधित बिलों के प्रसंस्करण और पारित करने में अनुचित पक्षपात/लाभ की सुविधा प्रदान कर रहे थे। साथ ही यह भी आरोप लगाया गया था कि रिश्वत के पैसे का इंतजाम करने के बाद, निजी कंपनी के एक आरोपी ने 22 मार्च को रिश्वत की रकम पहुंचाने के लिए पटना में एक निश्चित स्थान (उसके आवास के पास) पर आरोपी अधिकारी से मिलने का फैसला किया।
सीबीआई ने बिछाया जाल
जानकारी मिलने पर इसके बाद सीबीआई ने जाल बिछाया और निजी कंपनी के आरोपी व्यक्ति और एनएचएई के आरोपी जीएम (रिश्वत लेने वाले) और निजी कंपनी के आरोपी जीएम (रिश्वत देने वाले) को 15 लाख रुपये की रिश्वत देने के बाद रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। सीबीआई ने रिश्वत लेने वाले आरोपी जीएम और रिश्वत देने वाले निजी कंपनी के आरोपी व्यक्ति के साथ-साथ घूस पहुंचाने में मदद करने वाले निजी कंपनी के दो अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है।
सीबीआई ने इसके बाद पटना, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, बेगूसराय, पूर्णिया, रांची और वाराणसी में आरोपियों के आवासीय और कार्यालय परिसरों की छापेमारी की, जिसमें 1,18,85,000 रुपये नकद (लगभग), कई आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस बरामद किए गए। सीबीआई अभी इस मामले की जांच कर रही है।
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