पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट के लिए होने वाला उपचुनाव तेज़ी से बिहार में सबसे ज़्यादा चर्चा का विषय बनता जा रहा है। जन सुराज के सूत्रों के अनुसार, पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर इस सीट से चुनाव लड़ेंगे। अगले दिन कुछ दिनों में इसकी आधिकारिक घोषणा की जा सकती है।
जन सुराज 5 जुलाई को करेगी आधिकारिक घोषणा
जन सुराज के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती ने कहा कि बाकीपुर विधानसभा के उपचुनाव में मुश्किल से 25-26 दिनों का फासला रह गया है। जन सुराज पार्टी ने यह निर्णय लिया है कि हम एक सशक्त उम्मीदवार जन सुराज पार्टी की तरफ से इस उपचुनाव में खड़ा करेंगे। हमारा यह निर्णय पार्टी के कोर कमेटी की बैठक के बाद 5 जुलाई को लिया जाएगा लेकिन जो पिछले एक महीने में हमने बाकीपुर के लोगों से बातचीत की है। उनसे इंटरेक्ट किया है। उसके बेसिस पर यह कहा जा सकता है कि बाकीपुर में हर कोई बीजेपी की सरकार के खिलाफ है।
जनता का यह मानना है कि बीजेपी और एनडीए की सरकार को एक संकेत देना आवश्यक है कि हम उनके इन गतिविधियों से खुश नहीं हैं। जनता की मांग है कि जन सुराज का उम्मीदवार हमारे पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर जी ही हों। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं का भी यही मत बन रहा है कि इन उपचुनावों में पार्टी की तरफ से प्रशांत किशोर को हमारा उम्मीदवार बनाया जाना चाहिए। इस संबंध में जो आवश्यक निर्णय हैं, उनकी घोषणा कोर कमेटी में इनको डिस्कस करने के बाद ही की जाएगी और यह निर्णय 5 जुलाई को बताया जाएगा।
30 जुलाई को होगा उपचुनाव
पिछले साल हुए विधानसभा चुनाव में प्रशान्त किशोर की पार्टी ने सभी सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे। प्रशान्त किशोर ने अपने लिए दो सीटें सेलेक्ट की थी लेकिन आखिरी वक्त में उन्होंने चुनाव लड़ने के बजाए सिर्फ कैंपेन करने का फैसला किया था। अब बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन के इस्तीफे के कारण खाली हुई बांकीपुर सीट पर चुनाव होना है। 30 जुलाई को वोटिंग होनी है। जनसुराज पार्टी का कहना है कि सम्राट चौधरी सरकार के खिलाफ लोगों में गुस्सा है। लोग चाहते हैं कि जनता के मुद्दे उठाने के लिए प्रशान्त किशोर को विधानसभा में होना चाहिए। इसलिए पार्टी, बांकीपुर से प्रशांत किशोर को चुनाव लड़ाने पर विचार कर रही है।
बता दें कि प्रशांत किशोर पहली बार चुनाव लड़ेंगे। 30 जुलाई को वोट डाले जाएंगे। जबकि 3 अगस्त को इसके नतीजे घोषित किए जाएंगे। बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र बीजेपी का गढ़ है और बीजेपी यहां से लगातार पांच बार चुनाव जीती है।