जहानाबाद: बिहार की राजनीति में मचे घमासान के बीच जहानाबाद से बड़ी खबर सामने आ रही है। जहां मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चाओं से नाराज जदयू कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा है। आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने शहर स्थित जदयू जिला कार्यालय में जमकर उत्पात मचाया और तोड़फोड़ की। दरअसल, जैसे ही नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की खबरें कार्यकर्ताओं तक पहुंची, तो जदयू कार्यकर्ता पार्टी दफ्तर में जमा हो गए। जहां कार्यकर्ताओं ने अपना विरोध जताते हुए कार्यालय के भीतर रखी दर्जनों कुर्सियों को तोड़ डाला और फर्नीचर को इधर-उधर फेंक दिया। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि कार्यालय में मौजूद अन्य लोग मूकदर्शक बने रहे।
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पार्टी के नेताओं को ठहराया जिम्मेदार
हंगामा कर रहे कार्यकर्ताओं का गुस्सा सिर्फ अपनी पार्टी के फैसले तक सीमित नहीं रहा। कार्यकर्ताओं ने इस पूरी स्थिति के लिए अपने ही पार्टी के नेता अशोक चौधरी,संजय झा और संजय सिंह को जिम्मेदार ठहराते हुए उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं ने इसे पार्टी और राज्य की राजनीति के लिए चिंताजनक जताते हुए कहा की जदयू के जयचंद अशोक चौधरी संजय सिंह, संजय झा जैसे लोगों ने मुख्यमंत्री के पास रहकर भाजपा के लिए काम किया और साजिश के तहत राज्यसभा के लिए नामांकन कराया है, जो कार्यकर्ता एवं बिहार के हित में नहीं है।
राज्य की सक्रिय राजनीति में नीतीश का रहना जरूरी
कार्यकर्ताओं का कहना था कि वर्तमान समय में बिहार के विकास और राजनीतिक स्थिरता के लिए नीतीश कुमार का राज्य की सक्रिय राजनीति में बने रहना जरूरी है। उनका मानना है कि लंबे समय से उनके नेतृत्व में ही राज्य में कई महत्वपूर्ण विकास कार्य हुए हैं। ऐसे में उनका राज्यसभा जाने का फैसला कार्यकर्ताओं और समर्थकों के लिए अप्रत्याशित और निराशाजनक माना जा रहा है।
नीतीश अपना फैसला बदलें
पार्टी से जुड़े कई कार्यकर्ताओं ने कहा कि चुनाव के दौरान उन्होंने जनता के बीच यह संदेश दिया था कि आने वाले वर्षों में भी नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार विकास के रास्ते पर आगे बढ़ेगा। कार्यकर्ताओं ने साफ तौर पर कहां की मुख्यमंत्री को अपना निर्णय हर हाल में बदलना होगा। नहीं तो निशांत कुमार को बिहार के मुख्यमंत्री बनाने की घोषणा करें, अन्यथा जदयू कार्यकर्ता चुप नहीं बैठेंगे और इस मुद्दे पर पटना में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
रिपोर्ट-मुकेश, जहानाबाद