पटना: बिहार में सराफा कारोबारियों के फैसले पर विवाद पैदा हो गया है। सराफा कारोबारियों ने फैसला लिया है कि अब सभी सोना-चांदी की दुकानों में हिजाब, नक़ाब, मास्क, हेलमेट पहनकर आने वाली महिलाओं और पुरुषों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। इस फैसले के बाद कई दुकानों के बाहर ज्वैलरी शॉप की तरफ से नोटिस चिपका कर दी गई है। वहीं जब इस संबंध में विवाद बढ़ा तो सराफा कारोबारियों का कहना है कि यह फैसला किसी विशेष समुदाय या वर्ग के खिलाफ नहीं, बल्कि पूरी तरह से सुरक्षा कारणों को ध्यान में रखकर लिया गया है।
'ऑल इंडिया गोल्ड एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन' का कहना है कि सुरक्षा कारणों के चलते यह फैसला लिया गया है। एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष अशोक कुमार वर्मा ने दिल्ली से फोन पर जानकारी दी कि सराफा कारोबार हमेशा से अपराधियों के निशाने पर रहा है। हम यह निर्णय पूरी तरह से सुरक्षा को ध्यान में रखकर ले रहे हैं। चेहरा ढका होने के कारण अपराधियों की पहचान कर पाना मुश्किल हो जाता है। इसीलिए हमने यह कदम उठाया है।
बता दें कि बिहार के अलग-अलग जिलों में सराफा दुकानों में चोरी और लूट की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। कई मामलों में अपराधी अपनी पहचान छुपाने के लिए चेहरे ढककर दुकानों में घुसते हैं और वारदात को अंजाम देकर फरार हो जाते हैं। ऐसे में दुकानदारों की सुरक्षा खतरे में रहती है।
उधर, जिन दुकानों में इससे संबंधित नोटिस चिपका हुआ था वहीं हिजाब पहनकर आयी कुछ मुस्लिम महिलाओं ने कहा कि ये सही फैसला नहीं है। अगर ऐसा हुआ तो हमलोग उस दुकान में नहीं जाएंगे। ऐसी दुकानों का बायकॉट करेंगे। इधर जेडीयू एमएलसी खालिद अनवर ने भी इस फैसले का विरोध करते हुए कहा है कि ये एक वेवकूफी वाला फैसला है।
वहीं बिहार सरकार के मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी ने फैसले का बचाव करते हुए कहा कि इसमें धर्म को बीच में लाना गलत है। उन्होंने कहा कि यह व्यापारियों की सुरक्षा के लिए उठाया गया एक आवश्यक कदम है। इसका किसी भी धर्म या संप्रदाय से कोई संबंध नहीं है। मंत्री ने कहा कि बेवजह कुछ लोग इस मुद्दे पर हाय-तौबा मचा रहे हैं, जबकि इस फैसले से आम नागरिकों और व्यापारियों की सुरक्षा और मजबूत होगी। दरअसल मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी मनरेगा योजना के नाम और स्वरूप में किए गए बदलावों को लेकर प्रेस वार्ता करने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने जी रामजी मनरेगा योजना को मजदूरों और किसानों के हित में ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि मनरेगा का नाम बदलकर जी रामजी योजना किए जाने से जहां एक ओर जरूरतमंद मजदूरों को सीधा लाभ मिलेगा, वहीं वर्षों से इस योजना में मलाई काटने वाले बिचौलियों की दुकान का शटर बंद हो जाएगा।
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