छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में 6 नक्सली मारे गए हैं। सुरक्षाबलों ने मौके से भारी मात्रा में हथियार भी बरामद किए हैं। इस एनकाउंटर को लेकर जानकारी देते हुए बस्तर के आईजी पी सुंदरराज ने कहा कि नक्सलियों के साथ एक से ज्यादा मुठभेड़ हुई हैं। इसकी शुरुआत 11 नवंबर को हुई थी। नक्सलियों के पास एके-47, एलएमजी और इंसास राइफल बरामद की गई हैं।
बस्तर आईजी ने कहा, "11 नवंबर को बीजापुर जिले में सीपी माओवादी संगठन की मौजूदगी के संदेह के आधार पर बीजापुर डीआरजी, दंतेवाड़ा डीआरजी, एसटीएफ और अन्य सुरक्षा बलों ने एक ऑपरेशन चलाया। ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच कई मुठभेड़ हुईं। मुठभेड़ के बाद सुरक्षा बलों ने मौके से तीन महिला माओवादियों समेत छह माओवादियों के शव बरामद किए। माओवादियों की पहचान डिवीजनल कमेटी सदस्य कन्ना के रूप में हुई, जो सेंट्रल एरिया कमेटी का प्रभारी है, और अन्य एरिया कमेटी सदस्य जगत और अन्य पार्टी सदस्य मंगली और भगत हैं। इस प्रकार, कुल छह माओवादियों की पहचान की गई है। सुरक्षा बलों ने बड़ी संख्या में हथियार, जैसे एके-47, एलएमजी और इंसास राइफल बरामद की हैं।
छत्तीसगढ़ से जल्द खत्म होगा नक्सलवाद
मुख्यमंत्री साय ने बीजापुर में सुरक्षाबलों की नक्सल रोधी कार्रवाई में मिली बड़ी सफलता पर बधाई दी। मुख्यमंत्री ने कहा, ''छत्तीसगढ़ पुलिस की डीआरजी और एसटीएफ के संयुक्त दल द्वारा नक्सलियों के साथ जारी मुठभेड़ में अब तक छह नक्सली मारे जा चुके हैं। यह लाल आतंक के समूल नाश की दिशा में सुरक्षाबलों के जवानों की बड़ी सफलता है।'' साय ने कहा, ''नक्सलवाद अब अपने अंतिम चरण में है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जी के नेतृत्व में 31 मार्च 2026 तक देश और प्रदेश से नक्सलवाद को समाप्त करने का जो संकल्प लिया गया है, उसकी दिशा में यह एक और निर्णायक कदम है। छत्तीसगढ़ सरकार इस मिशन को पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ा रही है।''
छत्तीसगढ़ में 259 नक्सली ढेर
इस साल अब तक छत्तीसगढ़ में अलग-अलग मुठभेड़ों में 259 नक्सली मारे जा चुके हैं। इनमें से 230 बस्तर संभाग में मारे गए हैं, जिसमें बीजापुर समेत सात जिले शामिल हैं, जबकि 27 अन्य गरियाबंद जिले में मारे गए हैं, जो रायपुर क्षेत्र में आता है। दुर्ग संभाग के मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में दो और नक्सली मारे गए हैं। पुलिस ने बताया कि 22 सितंबर को, प्रतिबंधित भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के दो बड़े नेता राजू दादा उर्फ कट्टा रामचंद्र रेड्डी (63) और कोसा दादा उर्फ कडारी सत्यनारायण रेड्डी (67), दोनों केंद्रीय समिति सदस्य, राज्य के नारायणपुर जिले में एक मुठभेड़ में मारे गए थे। (इनपुट- एएनआई/पीटीआई)
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