छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में मंगलवार को सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में 25 लाख रुपये का इनामी माओवादी मारा गया। पुलिस अधीक्षक गौरव राय ने बताया कि मुठभेड़ मंगलवार की सुबह करीब आठ बजे दंतेवाड़ा और बीजापुर जिलों की सीमा पर स्थित जंगल में हुई, जब सुरक्षाकर्मियों की एक टीम माओवाद विरोधी अभियान पर निकली थी। उन्होंने बताया कि गीदम थाना क्षेत्र के गिरसापारा, नेलगोड़ा, बोडगा और इकेली गांवों के जंगलों में माओवादियों की मौजूदगी की सूचना के आधार पर शुरू किए गए अभियान में जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) और बस्तर फाइटर्स के जवान शामिल थे।
मारा गया 25 लाख का इनामी माओवादी
अधिकारी ने बताया कि गोलीबारी बंद होने के बाद घटनास्थल से तीन पुरुष माओवादियों के शव बरामद किए गए। उन्होंने बताया कि घटनास्थल से एक इंसास राइफल, एक 303 राइफल, विस्फोटक सामग्री और दैनिक उपयोग की वस्तुएं भी बरामद की गई हैं। प्रथम दृष्टया मुठभेड़ में मारे गए तीन माओवादियों में से एक की पहचान तेलंगाना के वारंगल निवासी सुधीर उर्फ सुधाकर उर्फ मुरली के रूप में हुई है। वह दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी का सक्रिय सदस्य था। यह माओवादियों का सबसे मजबूत संगठन है। अधिकारी ने बताया कि उस पर 25 लाख रुपये का इनाम था।
मारे गए दो माओवादियों की नहीं हुई पहचान
उन्होंने बताया कि दो अन्य कैडरों की पहचान अभी नहीं हो पाई है। उन्होंने बताया कि इलाके में तलाशी अभियान अभी भी जारी है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हाल ही में कहा था कि नरेंद्र मोदी सरकार माओवादियों के खिलाफ निर्मम रुख अपना रही है और उन माओवादियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रही है, जिन्होंने आत्मसमर्पण से लेकर समावेश तक की सुविधाएं दिए जाने के बावजूद आत्मसमर्पण नहीं किया है। उन्होंने कहा कि 31 मार्च 2026 तक देश माओवाद मुक्त हो जाएगा।
20 मार्च को मारे गए थे 30 नक्सली
20 मार्च को सुरक्षा बलों ने राज्य के बीजापुर और कांकेर जिलों में दो मुठभेड़ों में 30 माओवादियों को मार गिराया था। ताजा कार्रवाई के साथ ही इस साल अब तक राज्य में अलग-अलग मुठभेड़ों में 116 माओवादी मारे जा चुके हैं। इनमें से 100 माओवादी बीजापुर और दंतेवाड़ा समेत सात जिलों वाले बस्तर संभाग में मारे गए।