1. Hindi News
  2. छत्तीसगढ़
  3. बीजापुर: करेगुट्टा पहाड़ी पर फहराया गया तिरंगा, सुरक्षा बलों ने नक्सलियों से छीना गढ़

बीजापुर: करेगुट्टा पहाड़ी पर फहराया गया तिरंगा, सुरक्षा बलों ने नक्सलियों से छीना गढ़

 Edited By: Malaika Imam @MalaikaImam1
 Published : Apr 30, 2025 07:10 pm IST,  Updated : Apr 30, 2025 07:10 pm IST

बीजापुर में जारी एंटी-नक्सल अभियान के बीच सुरक्षा बलों ने करेगुट्टा पहाड़ी को नक्सल मुक्त कर अपने कब्जे में ले लिया है। इसके बाद करेगुट्टा पहाड़ी की चोटी पर तिरंगा फहराया गया।

करेगुट्टा पहाड़ी की चोटी पर लहराया गया तिरंगा- India TV Hindi
करेगुट्टा पहाड़ी की चोटी पर लहराया गया तिरंगा Image Source : ANI

बीजापुर: छत्तीसगढ़ और तेलंगाना की सीमा पर स्थित करेगुट्टा पहाड़ी अब सुरक्षा बलों के नियंत्रण में है, जो लंबे समय से नक्सलियों का गढ़ मानी जाती थी। हाल ही में चले एक बड़े एंटी-नक्सल ऑपरेशन के तहत सुरक्षा बलों ने इस क्षेत्र को नक्सलियों से मुक्त कराकर अपने कब्जे में ले लिया। सुरक्षा बलों के कब्जे में आने के बाद करेगुट्टा पहाड़ी की चोटी पर तिरंगा झंडा फहराया गया, जिसकी तस्वीर सामने आई है।

इनामी नक्सलियों ने किया सरेंडर

21 अप्रैल से बीजापुर की पहाड़ियों में तेलंगाना सीमा से लगे इलाकों में लगभग 24,000 सुरक्षाकर्मियों के सहयोग से एक बड़े नक्सल विरोधी अभियान को अंजाम दिया जा रहा है। इस बीच, सोमवार को बीजापुर में 28.50 लाख रुपये के इनामी 14 नक्सलियों समेत कुल 24 नक्सलियों ने सुरक्षाबलों के सामने सरेंडर कर दिया। सरेंडर करने वालों में 11 महिला नक्सली भी शामिल हैं।

सरेंडर करने वालों में बड़े नक्सली नेता भी 

आत्मसमर्पण करने वालों में दो बड़े नक्सली नेता- भैरमगढ़ एरिया कमेटी का सदस्य सुदरू हेमला उर्फ राजेश (33) और परतापुर एरिया कमेटी की सदस्य कमली मोड़ियम हैं। दोनों पर पांच-पांच लाख रुपये का इनाम घोषित था। इसके अलावा जयमोती पूनेम (24) पर तीन लाख, शामनाथ कुंजाम उर्फ मनेष (40), चैतु कुरसम उर्फ कल्लू (30), बुच्ची माड़वी उर्फ रोशनी (25), सुखमति उरसा (28) और सोमली हेमला (45) पर दो-दो लाख रुपये और अन्य कई नक्सलियों पर एक-एक लाख एवं पचास हजार रुपये तक का इनाम घोषित था।

अधिकारियों का कहना है कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों ने संगठन के विचारों से मोहभंग और आंतरिक मतभेदों के कारण समाज की मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। राज्य सरकार की नई पुनर्वास नीति ने भी इस प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिससे कई नक्सलियों को मुख्यधारा में लौटने की प्रेरणा मिली। आत्मसमर्पण करने वाले सभी नक्सलियों को प्रोत्साहन स्वरूप 50-50 हजार रुपये के चेक दिए गए हैं।

इस साल अब तक 213 नक्सली हुए गिरफ्तार

बस्तर क्षेत्र में इस साल अब तक 213 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, 203 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, जबकि 90 नक्सली मुठभेड़ों में मारे गए हैं। (भाषा इनपुट के साथ)

ये भी पढ़ें-

मिजोरम के दिग्गज कांग्रेस नेता रोनाल्ड सापा तलाऊ का निधन, CM लालदुहोमा ने जताया दुख

एकतरफा प्यार में सनकी ने की घिनौनी हरकत, पिता की गुहार पर पुलिस के पहरे में हुई बेटी की विदाई

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। छत्तीसगढ़ से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।