गाजियाबाद: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में धर्मांतरण और 'लव जिहाद' के मामले में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। यूपी एटीएस की जांच में जलालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा के रैकेट का पर्दाफाश हो रहा है, और अब उसका एजेंट बदर अख्तर सिद्दीकी चर्चा में है। गाजियाबाद के एक पीड़ित परिवार ने बदर सिद्दीकी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार का दावा है कि बदर और छांगुर ने मिलकर उनकी बेटी को 2019 में गायब कर दिया, जो अब तक लापता है। परिवार का कहना है कि पिछले 6 साल से लड़की का कोई अता-पता नहीं है।
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6 साल से दर-दर भटक रहा परिवार
पीड़ित परिवार के मुताबिक, बदर सिद्दीकी ने उनकी बेटी को बहला-फुसलाकर अपने प्रेम जाल में फंसाया और फिर उसका कोई अता-पता नहीं चला। परिवार पिछले 6 साल से अपनी बेटी की तलाश में दर-दर भटक रहा है। परिवार ने आरोप लगाया कि बदर ने हिंदू नाम का इस्तेमाल कर उनकी बेटी को धोखा दिया और 'लव जिहाद' का शिकार बनाया। यूपी एटीएस की जांच में सामने आया है कि बदर सिद्दीकी हिंदू लड़कियों को फंसाने के लिए आरव, सैम और समीर अरोड़ा जैसे हिंदू नामों का इस्तेमाल करता था।
कैसे साजिश को अंजाम देता था बदर?
जांच में सामने आया है कि बदर पहले लड़कियों से दोस्ती करता, फिर पैसे और प्रेम का झांसा देकर उन्हें अपने जाल में फंसाता था। इसके बाद शादी के बहाने या जबरदस्ती उनका धर्म परिवर्तन करवाता था। बदर की कई तस्वीरें भी सामने आई हैं, जिनमें वह अलग-अलग हिंदू लड़कियों के साथ नजर आ रहा है। जांच में पता चला है कि छांगुर उर्फ जलालुद्दीन अपने एजेंट्स को खास ट्रेनिंग देता था ताकि वे हिंदू लड़कियों का ब्रेनवॉश कर सकें और 'लव जिहाद' के जरिए धर्मांतरण करवा सकें। बदर सिद्दीकी इस रैकेट का अहम हिस्सा था।
बदर को पकड़ने के लिए 2 लाख रुपये का इनाम
आरोप है कि छांगुर बाबा को कुछ न्यायिक अधिकारियों का भी समर्थन प्राप्त था, जिससे उसके गैरकानूनी कामों को बल मिलता था। बदर सिद्दीकी फिलहाल फरार है। उसके खिलाफ वांटेड पोस्टर जारी किया गया है, जिसमें उसे पकड़ने के लिए 2 लाख रुपये के इनाम की घोषणा की गई है। इस पोस्टर में साफ लिखा है कि बदर ने हिंदू नामों का इस्तेमाल कर कई हिंदू लड़कियों को फंसाया और गायब किया। छांगुर बाबा की गिरफ्तारी के बाद पीड़ित परिवार को इंसाफ की उम्मीद जगी है। परिवार चाहता है कि कि बदर सिद्दीकी को जल्द से जल्द पकड़ा जाए ताकि उनकी बेटी का पता चल सके।