नवीन छांगुर बाबा की मुख्य सहयोगी नीतू उर्फ नसरीन का पति है। दावा किया जा रहा है कि छांगुर के नेटवर्क और उसकी संपत्ति के बारे में सबसे बड़ा राजदार नवीन ही है। इस पूरे मामले में उसे बहुत ही महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है।
आरोपी ने महिला से कहा कि आधार कार्ड पर बच्चों के नाम के आगे 'खान' टाइटिल लगवा दो। जब महिला ने विरोध किया तो मारपीट शुरू कर दिया और बोला कि बेटी का निकाह कराओ और बेटे का धर्मांतरण कराओ, नहीं तो इसका अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहो।
अवैध और जबरन तरीके से धर्मांतरण का रैकेट चलाने के आरोप में पकड़े गए छांगुर बाबा का ED के सवालों से सामना हुआ तो उसकी जुबान लड़खड़ाने लग गई। वह ED के सवालों का जवाब नहीं दे पा रहा था।
छांगुर बाबा के भतीजे और धर्मांतरण मामले में आरोपी सबरोज ने लगभग 300 स्क्वायर फीट पर है अवैध कब्जा कर मकान बनाया था। प्रशासन ने मकान का अवैध हिस्सा गिरा दिया है।
बीजेपी नेता शैलेश कुमार सिंह शैलू ने दावा किया है कि धर्मांतरण मामले में गिरफ्तार छांगुर बाबा के कारतूतों की जानकारी प्रशासन को पहले से ही थी लेकिन कोई एक्शन नहीं लिया गया।
CM योगी के आदेश पर यूपी में अवैध निर्माण के खिलाफ लगातार बुलडोजर एक्शन जारी है। इसी कारण से छांगुर बाबा के काले साम्राज्य का पर्दाफाश भी हुआ। आइए समझते हैं पूरा मामला।
साल 2019 में छांगुर बाबा के गुर्गे ने युवती को किडनैप किया था। इसके बाद परिजनों को थाने से भगाया गया था। इस मामले में 6 साल बाद इंस्पेक्टर अब्दुल रहमान सिद्दीकी को सस्पेंड कर दिया गया है।
यूट्यूब चैनल में मुसलमान बने लोगों को वीडियो दिखाए जाते थे। इस चैनल को संभालने का काम अब्दुल रहमान कुरैशी करता था। वहीं, लोगों का ब्रेनवॉश करने की जिम्मेदारी ओसामा के ऊपर थी।
राजेश कुमार उपाध्याय बलरामपुर जिला एवं सत्र न्यायालय में क्लर्क हैं। छांगुर बाबा ने पुणे में एक जमीन खरीदी थी। इससे होने वाले मुनाफे में राजेश की पत्नी संगीता का भी हिस्सा था। इसी वजह से राजेश को गिरफ्तार किया गया है।
छांगुर बाबा संगठित नेटवर्क के जरिए हिंदू और गैर-मुस्लिम युवतियों को प्रलोभन, धोखे या दबाव देकर इस्लाम में धर्मांतरण करवाता था। इसके लिए वे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को निशाना बनाता था।
यूपी में धर्मांतरण के एक बड़े रैकेट का भांडाफोड़ हुआ...जिसमें सामने आया छांगुर बाबा नाम का एक ऐसा शातिर मौलाना...जिसने 5000 से ज्यादा हिंदू बेटियों को अपना शिकार बनाया
ईडी ने छांगुर बाबा और उसके करीबी सहयोगियों पर बड़ी कार्रवाई की है। ईडी की छापेमारी में 60 करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग का पता चला है।
छांगुर बाबा ने बलरामपुर जिले में 2021 और इसके आस-पास करोड़ों की संपत्ति अपने करीबियों के नाम पर खरीदी है। जांच में इन सभी संपत्तियों का खुलासा हुआ है। आइये जानते हैं।
छांगुर गैंग का सदस्य रशीद कई दिनों से फरार चल रहा था। अवैध धर्मांतरण मामले में जो एफआईआर की गई थी, उसमें रशीद का नाम छठे नंबर पर था। अब एटीएस को उसे पकड़ने में सफलता मिली है।
यूपी एटीएस ने अपनी जांच में छांगुर बाबा के 'लव जिहाद' प्लान का खुलासा किया है। जांच में पता चला है कि छांगुर अपनी धर्मांतरण टीम में हैंडसम युवकों को शामिल करता था।
छांगुर बाबा धर्मांतरण से जुड़े केस में ईडी ने बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने गुरुवार सुबह उत्तर प्रदेश के बलरामपुर में 12 और मुंबई में 2 ठिकानों पर छापेमारी की है।
धर्मांतरण मामले में गिरफ्तार किए गए छांगुर बाबा और उसकी करीबी नीतू को जेल भेज दिया गया है। कोर्ट में एटीएस के अधिकारी ने आकर बताया कि उन्हें अभी छांगुर बाबा की रिमांड नहीं चाहिए।
गाजियाबाद में बदर सिद्दीकी नाम के एक शख्स पर एक युवती को प्रेमजाल में फंसाकर गायब करने का आरोप है। वह छांगुर बाबा के धर्मांतरण रैकेट से जुड़ा है और फरार चल रहा है। उस पर 2 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया है।
छांगुर के अवैध धर्मांतरण मामले में चार अधिकारियों की संलिप्तता का भी खुलासा हुआ है। इन चारों अधिकारियों पर अब कार्रवाई की तैयारी चल रही है।
पूर्व राज्य मंत्री दद्दन मिश्रा ने छांगुर बाबा को लेकर बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने बताया है कि छांगुर बाबा का माफिया डॉन अतीक अहमद से गहरा रिश्ता था। जानिए उन्होंने और क्या क्या कहा है?
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