उत्तर प्रदेश के बलरामपुर में प्रशासन लगातार छांगुर बाबा और उसके सहयोगियों के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है। अवैध धर्मांतरण के आरोपी और छांगुर के भतीजे सबरोज के घर पर शनिवार को बुलडोजर चला। प्रशासन ने उतरौला के रेहरा माफी में सबरोज के घर का अवैध हिस्सा तोड़ दिया। बताया जा रहा है कि सबरोज ने लगभग 300 स्क्वायर फीट में अवैध कब्जा कर मकान बना रखा था। प्रशासन ने शनिवार दोपहर 11 बजे बुलडोजर कार्रवाई शुरू की और मकान का अवैध हिस्सा तोड़ दिया।
धर्मांतरण के मास्टरमाइंड छांगुर का भतीजा सबरोज भी धर्मांतरण मामले में आरोपी है। सबरोज ने नवीन परती पर कब्जा कर घर बनाया था। शनिवार को जेसीबी से अवैध मकान गिरा दिया गया। अवैध धर्मांतरण के मामले में सबरोज 19 जुलाई को गिरफ्तार हुआ था। उसके साथ छांगुर गैंग के सदस्य शहाबुद्दीन को गिरफ्तार किया गया था। सबरोज इस समय पुलिस की गिरफ्त में है।
छांगुर के भतीजे सबरोज का मकान छांगुर की कोठी से 1 किमी दूर रेहरा माफी गांव में ही बना हुआ था। सुबह 11 बजे उतरौला तहसील की टीम दो जेसीबी मशीन लेकर पहुंचीं। इसके बाद मकान के अवैध हिस्से को गिरा दिया गया। किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए गांव में पुलिस बल तैनात किया गया। प्रशासन ने कहा कि सबरोज को 3 बार नोटिस दिया जा चुका है। आखिरी नोटिस 18 जुलाई को दिया गया था। प्रशासन का कहना है कि ये मकान अवैध कब्जा करके बनाया गया था। मकान लगभग 300 स्क्वायर फीट में बना हुआ था। इसमें एक किचन, एक कमरा और एक बरामदा बना हुआ था। इससे पहले 8, 9 और 10 जुलाई को छांगुर बाबा की सहयोगी नसरीन की कोठी पर बुलडोजर चला था।
छांगुर बाबा का असली नाम जमालुद्दीन उर्फ करीमुल्ला शाह है। उसे उत्तर प्रदेश के बलरामपुर में अवैध धर्मांतरण, मनी लॉन्ड्रिंग और विदेशी फंडिंग के आरोप में 5 जुलाई 2025 को यूपी एटीएस ने गिरफ्तार किया। छांगुर के साथ सहयोगी नीतू रोहरा उर्फ नसरीन को भी गिरफ्तार किया गया। आरोप है कि छांगुर ने चांद औलिया दरगाह को केंद्र बनाकर हिंदू और गरीब तबकों को निशाना बनाते हुए जबरन धर्मांतरण कराया। जांच में 100-500 करोड़ रुपये की विदेशी फंडिंग, 40 से अधिक बैंक खातों और नेपाल के रास्ते आईएसआई कनेक्शन का खुलासा हुआ। छांगुर की आलीशान कोठी सरकारी जमीन पर बनी थी, उसे बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया और इसके 8.55 लाख रुपये के खर्च की वसूली का नोटिस जारी कर दिया गया है। ये पैसे छांगुर को ही भरने होंगे। ईडी और एनआईए भी मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फंडिंग की जांच कर रही हैं। मामला राष्ट्रीय सुरक्षा और संगठित साजिश से जुड़ा माना जा रहा है।
(बलरामपुर से आनंद मणि त्रिपाठी की रिपोर्ट)
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