Highlights
- द्वारका इलाके में बाबा बनकर भेष बदलकर रह रहा था आरोपी अजित।
- 14 मई 2018 को इसके खिलाफ एक्साइज एक्ट का मुकदमा दर्ज किया गया।
- भगोड़ा घोषित होने के बाद कोर्ट के सम्मन पर भी कोर्ट में पेश नहीं हुआ।
नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने एक ऐसे आरोपी को गिरफ्तार किया है जो द्वारका कोर्ट से भगोड़ा यानी पीओ डिक्लेयर कर दिया गया था। अजित उर्फ सोलंकी नाम का यह आरोपी पहले अवैध तरीके से शराब बेचा करता था। यह शख्स द्वारका इलाके में बाबा बनकर भेष बदलकर रह रहा था। एक गुप्त सूचना के बाद पुलिस ने भगोड़े अजित उर्फ सोलंकी को गिरफ्तार कर लिया। द्वारका डिस्ट्रिक्ट में पीओ यानी भगोड़ा साबित आरोपियों को पकड़ने के लिए द्वारका डीसीपी शंकर चौधरी ने एक मुहिम की शुरुआत की है।
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भगोड़े अपराधियों को पकड़ने की इस मुहिम के बीच गुरुवार को एक जानकारी मिली कि एक ‘प्रोक्लेम्ड ऑफेंडर’ यानी भगोड़ा अजित उर्फ सोलंकी डाबर एनक्लेव, जाफरपुर कला के पास दिखाई दिया है। पुलिस ने सूचना के आधार पर मौके पर पहुंचकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। अजित उर्फ सोलंकी को द्वारका कोर्ट ने 18 सितंबर 2021 को पीओ यानी भगोड़ा डिक्लेयर कर दिया था। तभी से पुलिस इसकी तलाश कर रही थी। अजित पहले बस कंडक्टर का काम करता था और शराब का आदी था।
शादी के बाद शराब की आदत ने इसकी शादीशुदा जिंदगी बर्बाद कर दी और इसकी पत्नी इसको छोड़कर चली गई। इसके बाद ये अवैध तरीके से शराब बेचने का काम करने लगा और 14 मई 2018 को इसके खिलाफ एक्साइज एक्ट का मुकदमा दर्ज किया गया। इसकी तलाश शुरू की गई पर ये एक बाबा बन गया और दिलकी एनसीआर के अलग-अलग मंदिरों में बाबा बनकर रहने लगा। भगोड़ा घोषित होने के बाद कोर्ट के सम्मन पर भी कोर्ट में पेश नहीं हुआ। इसके खिलाफ जाफ़रपुर कला थाने में 2 एफआईआर दर्ज की गई थी।