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हिंदू बनकर की महिला से दोस्ती, फिर प्रॉपर्टी के लिए कर दिया मर्डर, 10 महीने बाद यूं पकड़ा गया हत्यारा

 Reported By: Jatin Sharma @jatin89_sharma
 Published : Jan 20, 2023 09:32 am IST,  Updated : Jan 20, 2023 09:32 am IST

सुशीलावती की हत्या करने से पहले शाकिर ने अपनी स्कूटी और अपनी कार की चोरी का फर्जी मामला दर्ज करवाया क्योंकि वह महिला को इसी कार में बुलंदशहर ले गया था।

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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी शाकिर। Image Source : INDIA TV

नई दिल्ली: एक शख्स द्वारा अपनी पहचान छिपाकर एक महिला की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, शाकिर उर्फ समीर नाम के युवक ने एक महिला की हत्या कर उसकी लाश को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर उत्तर प्रदेश में दफना दिया था। नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट की स्पेशल स्टाफ पुलिस ने फैजान और शाकिर नाम के 2 आरोपियों को महिला की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोप है कि इन दोनों ने सुशीलावती नाम की महिला की 25 लाख की प्रॉपर्टी हथियाने के लिए उसकी हत्या कर दी थी।

बुलंदशहर ले जाकर कर दी हत्या

पुलिस ने बताया कि आरोपी शाकिर ने अपना नाम समीर बता कर महिला से दोस्ती की और फिर बहलाकर उसे बुलंदशहर ले गया जहां गोली मारकर उसकी हत्या कर दी। शाकिर ने सुशीलावती से उसकी प्रॉपर्टी खरीदने के नाम पर पहले 1.5 लाख रुपये अडवांस दिए और प्रॉपर्टी के कागजात अपने नाम करवा लिए। जब सुशीलावती ने बाकी की रकम की मांग की तो शाकिर और फैजान ने उसे रास्ते से हटाने का प्लान बना लिया। शाकिर ने इस हत्या की साजिश चार्ल्स शोभराज पर बनी एक फिल्म देखकर रची।

दर्ज करवाई कार चोरी की फर्जी रिपोर्ट
सुशीलावती की हत्या करने से पहले शाकिर ने अपनी स्कूटी और अपनी कार की चोरी का फर्जी मामला दर्ज करवाया क्योंकि वह महिला को इसी कार में बुलंदशहर ले गया था। आरोपी को अंदेशा था कि हत्या के बाद इसकी गाड़ियों के नंबर CCTV में ट्रेस हो जाता तो वह फंस सकता था। यही वजह है कि उसने अपनी स्कूटी और कार की चोरी की रिपोर्ट दर्ज करवाई। गुमशुदगी की सूचना 3 मार्च 2022 को दयालपुर में दर्ज की गई और उसी दिन उसकी हत्या भी कर दी गई।

भाई ने भी दर्ज करवाई गुमशुदगी की रिपोर्ट
12 मार्च को बुलंदशहर पुलिस को सुशीलावती की लाश मिली जिसके बाद उसकी पहचान की कोशिश की गई। हालांकि शव की पहचान न होने के कारण बुलंदशहर के थाना चौला में हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया। इससे पहले सुशीलावती के भाई ने भी बीते 16 दिसंबर को उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट नॉर्थ ईस्ट दिल्ली के दयालपुर थाने में दर्ज करवाई थी। इसके बाद कोर्ट ने भी दयालपुर पुलिस को सुशीलावती के केस पर 365 के निर्देश भी जारी किए गए थे।

इत्तेफाक से हत्यारों तक पहुंची पुलिस
10 महीने पहले हुए हत्याकांड के आरोपियों तक पुलिस इत्तेफाक से ही पहुंची। दरअसल, शाकिर जिस इलाके में रहता था वहां वह अक्सर अपनी दबंगई और खौफ दिखाने के लिए ‘हिंदू महिला की हत्या’ की बात बोलता था और अपने साथ कट्टा रखता था। यह बात डिस्ट्रिक्ट के स्पेशल स्टाफ को किसी मुखबिर ने बता दी। पुलिस की टीम शाकिर को ट्रैक करने लगी और आखिरकार सिविल लाइन इलाके के रिज रोड से उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की पूछताछ में शाकिर ने सुशीलावती की हत्या की बात कबूल कर ली।

शाकिर ने बताई मर्डर की पूरी कहानी
शाकिर ने बताया कि उसने सुशीलावती को फंसाने के लिए हिंदू नाम समीर बताया था। वह उसकी 25 लाख रुपये की प्रॉपर्टी हथियाना चाहता था। शाकिर ने जब प्रॉपर्टी अपने नाम करवा ली तब सुशीलावती ने उससे बाकी के पैसे मांगे। शाकिर ने साथी फैजान के साथ सुशीलावती को अपनी बातों में फंसाया और बुलंदशहर ले जाकर गोली मार दी। शाकिर उन महिलाओं को अपने जाल में फंसाता था जिनके पास अच्छा बैंक बेलेंस और प्रॉपर्टी होती थी। पुलिस अब इस बात का पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उसने कितनी महिलाओं को अपना शिकार बनाया।

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