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नागपुरः सैलून-स्पा की आड़ में चल रहा था जिस्मफरोशी का धंधा, पुलिस ने मारा छापा, 3 अरेस्ट

 Reported By: Yogendra Tiwari Edited By: Mangal Yadav
 Published : Aug 23, 2025 08:40 am IST,  Updated : Aug 23, 2025 08:45 am IST

ऑपरेशन शक्ति के तहत एक बड़ी कार्रवाई करते हुए नागपुर पुलिस ने एक स्पा एंड सैलून पर छापा मारा और सैलून की आड़ में चल रहे एक सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ किया।

सैलून-स्पा में पुलिस की छापेमारी- India TV Hindi
सैलून-स्पा में पुलिस की छापेमारी Image Source : REPORTER INPUT

नागपुर में एक आलीशान सलून एवं स्पा की आड़ में चल रहे सेक्स रैकेट का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। जानकारी के मुताबिक, स्पा की आड़ में जिस्मफरोशी का धंधा चल रहा था। पुलिस ने छापा मारा तो वहां मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। पुलिस ने दो लड़कियों को रेस्क्यू किया है। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने कारवाई करते हुए सैलून के मैनेजर रंजीत हलदार, मालिक गौरांग विश्वास, जगदीश पाटील के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। 

दरअसल, नागपुर पुलिस इन दिनों ऑपरेशन शक्ति अभियान चला रही है। इस अभियान के तहत नागपुर में चल रहे अनैतिक देह व्यापार करने वालों पर कार्रवाई की जा रही है। इसी के तहत नागपुर के रिहायशी इलाका त्रिमूर्ति नगर में पुलिस ने छापेमारी की। 

लड़कियों को करते थे वेश्यावृत्ति के लिए मजबूर 

पुलिस ने बताया कि छापेमारी के दौरान दो लड़कियों को बचाया गया, जिन्हें कथित तौर पर वेश्यावृत्ति के लिए मजबूर किया जा रहा था। स्पा के प्रबंधक, रंजीत रमेश हलधर (47), जो मूल रूप से वर्धमान जिला, कोलकाता के निवासी हैं, को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। अधिकारियों ने सबूत के तौर पर 16,520 रुपये नकद भी ज़ब्त किए। पुलिस के अनुसार, आरोपी लड़कियों को अच्छी कमाई का झांसा देकर फुसलाते थे, उन्हें स्पा में जगह दिलाते थे और पैसों के लिए उन्हें वेश्यावृत्ति में धकेल देते थे।

छापेमारी में ये पुलिस अधिकारी रहे मौजूद

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 143(2), 3(5) और अनैतिक व्यापार (रोकथाम) अधिनियम, 1956 की धारा 3, 4, 5 के तहत मामला दर्ज किया गया है। यह छापेमारी पुलिस आयुक्त डॉ. रवींद्र कुमार सिंघल के निर्देशों पर संयुक्त पुलिस आयुक्त नवीनचंद्र रेड्डी, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) वसंत परदेशी, पुलिस उपायुक्त (अपराध) राहुल मकानिकर और सहायक पुलिस आयुक्त अभिजीत पाटिल की देखरेख में की गई। इस मामले का नेतृत्व पुलिस निरीक्षक राहुल शायर ने किया और इसमें पुलिस उपनिरीक्षक शिवाजी नानावरे और कांस्टेबल लता गवाल, आरती चव्हाण, प्रकाश माथनकर, किशोर ठाकरे, कुणाल बोडखे और ड्राइवर कमलेश क्षीरसागर सहित अन्य कर्मचारी शामिल थे।

 

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