उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जनपद में पुलिस इंस्पेक्टर की मानवता को शर्मसार करने वाली करतूत सामने आई है। इंस्पेक्टर ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के साथ-साथ उत्तराखंड पुलिस के मित्रता, सेवा, सुरक्षा के स्लोगन को भी तार-तार कर दिया है। यहां एक पुलिस इंस्पेक्टर आशुतोष कुमार सिंह ने बेटे की चाह में बेटी होने पर अपनी पत्नी को लात मार दी। इतने में भी मन न भरा तो उसने गुंडों के साथ मिलकर पत्नी को बेरहमी से पीटवाया। पीड़िता अपनी दोनों बेटियों के साथ एसएसपी कार्यालय पहुंच गई और न्याय के लिए गुहार लगाई, जिस पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
रुद्रपुर में एसएसपी के पेशकार रहे इंस्पेक्टर आशुतोष कुमार (हाल में पिथौरागढ़ में तैनात) को बेटे की चाहत थी। लेकिन पत्नी ने बेटी को जन्म दिया तो उससे दूरी बना ली। हद तो तब हो गई जब इंस्पेक्टर छुट्टी पर अपने घर आये तथा कहासुनी के बाद पहले अपनी पत्नी को बेरहमी से पीटा और मन ना भरा तो फिर बाहरी गुंडों को घर में बुलाकर पत्नी को और पिटवा दिया। जिसके बाद पीड़िता ने न्याय की गुहार एसएसपी कार्यालय पहुंचकर लगाई।
पीड़िता वैजयंती चंद ने बताया कि दोनों तरफ के घरवालों की स्वीकृति से इनकी लव मैरिज हुई थी। वैवाहिक जीवन बहुत अच्छा चल रहा था। दंपति की दो बेटियां है। पहली बेटी की उम्र 7 वर्ष है और दूसरी बेटी ढाई साल की है। उसने फफकते हुए कहा कि छोटी बेटी के जन्म के बाद से ही पति और सास का व्यवहार उनके प्रति बदल गया। वैजयंती चंद का आरोप है कि जब से दूसरी बेटी का जन्म हुआ है तब से लड़की पैदा होने के ताने देकर उनको परेशान किया जा रहा है। इंस्पेक्टर पति कहता है कि वह लड़कियां पैदा होने के बाद शर्मिंदा है। वह किस तरह से अपने दोस्तों को कहेगा कि वह दो लड़कियों का बाप है। आए दिन वह उसके साथ मारपीट करता रहता है।
वैजयंती के अनुसार उनके पति इंस्पेक्टर आशुतोष कुमार सिंह ने मंगलवार शाम 6 बजे रुद्रपुर के दबंगो से भी उनके घर पर जानलेवा हमला करवाया। हमला करने वाले दबंगों में एक अनिल सिंह नाम का व्यक्ति है और दूसरे का नाम दारा सिंह है। दोनों पर कई केस दर्ज है और अनिल सिंह तो कुछ दिन पहले ही जेल से बाहर आया है।
पीड़िता के पिता हर्ष बहादुर चंद ने दबंगों पर कार्रवाई करने के लिए सिड़कुल पुलिस चौकी में तहरीर दी है। चकरपुर निवासी सेवानिवृत फौजी पिता हर्ष बहादुर चंद ने कहा कि ससुराली बेटी को 2 साल से प्रताड़ित कर रहे हैं। दो साल से दोनों नातियों का खर्च वे वहन कर रहे हैं। उन्होंने न्याय की मांग की है। उन्होंने बताया कि मंगलवार देर शाम वह बेटी को छोड़ने कुछ रिश्तेदारों के साथ उसके घर गए थे। जैसे ही वे गेट के भीतर पहुंचे तो पति के दो दोस्त घर में घुस गए। आरोप है कि दोनों ने उनको, बेटी और नातियों को बाहर निकालना शुरू कर दिया। उनके साथ बाउंसर घुसे थे। उन्होंने बताया कि दामाद आशुतोष कुमार पहले ऊधमसिंह नगर के एसएसपी के पेशकार भी रह चुके हैं।
(रिपोर्ट- नाहिद खान)
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