पोर्टलैंड: शादीशुदा जिंदगी की उलझनों पर किताबें लिखने वाली एक नॉवेलिस्ट ने कभी सोचा भी न होगा कि उसकी कल्पना की उड़ानें हकीकत का चेहरा ले लेंगी। नैंसी क्रॉम्पटन ब्रॉफी नाम की इस नॉवेलिस्ट की 2011 में लिखी गई एक ब्लॉग पोस्ट 'हाउ टू मर्डर योर हसबैंड' ने दुनिया को हिला दिया था। यह ब्लॉग पोस्ट एक राइटिंग वर्कशॉप का हिस्सा था, जिसमें हत्या के भिन्न-भिन्न तरीकों पर चर्चा की गई थी। इस घटना के 7 साल बाद नैंसी पर ही अपने पति डैनियल ब्रॉफ़ी की हत्या का इल्ज़ाम लगा। आइए, आपको बताते हैं कि कैसे नैंसी ने एक परफेक्ट क्राइम की कोशिश की थी और क्यों?
Related Stories
सेक्स एजुकेशन पर लिखी बुकलेट से हुई मशहूर
1950 में जन्मी नैंसी ने टेक्सास में रहते हुए सेक्स एजुकेशन पर एक पॉपुलर बुकलेट लिखी थी, लेकिन असल शोहरत उसे रिटायर होने के बाद मिली। ओरेगन शिफ्ट होने के बाद नैंसी ने सेल्फ-पब्लिश्ड रोमांस थ्रिलर लिखना शुरू किया। 'द रॉन्ग हसबैंड' और 'द रॉन्ग लवर' जैसी किताबें उनकी कलम से निकलीं, जो शादी की उलझनों और धोखे पर आधारित थीं। लेकिन असल जिंदगी में नैंसी का वैवाहिक जीवन डैनियल ब्रॉफ़ी के साथ 27 साल पुराना था। 1954 में पैदा हुए डैनियल एक मशहूर शेफ और ओरेगन क्यूलिनरी इंस्टीट्यूट (OCI) में टीचर थे। वह खेती-बाड़ी करने और घर पर शानदार खाना बनाने में व्यस्त रहते थे। नैंसी ने डेनियल को हमेशा 'परफेक्ट हसबैंड' बताया था।
लेकिन क्या सबकुछ इतना अच्छा था?
हालांकि नैंसी और डेनियल की चमक-दमक भरी जिंदगी के पीछे की हकीकत कुछ और ही थी। इस दंपत्ति पर कर्जों का बोझ कुछ ज्यादा ही था और 2018 तक उन पर $3,00,000 का मोर्टगेज और क्रेडिट कार्ड बिल्स बकाया थे। नैंसी की किताबें ज्यादा नहीं बिकती थीं। उन्होंने बीमा एजेंट का काम भी किया, जिससे डैनियल पर $1.4 मिलियन का लाइफ इंश्योरेंस लिया गया। इसमें नैंसी को नॉमिनी बनाया गया था। अभियोजन पक्ष के मुताबिक, इसी बीमे की रकम को हासिल करने के लिए नैंसी ने अपने पति की हत्या की। वहीं, नैंसी ने बचाव में कहा कि बीमा पॉलिसी रिटायरमेंट प्लान का हिस्सा थी, और कर्ज चुकाने के लिए डैनियल का रिटायरमेंट फंड इस्तेमाल हो चुका था।

मौके पर ही हो गई थी डेनियल की मौत
2 जून 2018 की सुबह करीब 7:21 बजे डैनियल OCI पहुंचे और किचन में क्लास की तैयारी करने लगे। जब छात्र किचन में पहुंचे तो उन्होंने देखा कि डैनियल जमीन पर पड़े थे, और उनकी छाती में दो गोलियां लगी थीं। डैनियल की मौके पर ही मौत हो गई थी। पुलिस ने इसे हत्या का केस माना। नैंसी को जब डेनियल की हत्या की खबर मिली तो वह OCI पहुंची। उस समय वह बहुत दुखी नजर आ रही थी। उसने फेसबुक पर लिखा, 'मेरा दिल टूट गया है।' लेकिन जांच आगे बढ़ी तो शक नैंसी पर गया, और सर्विलांस कैमरे ने सब साफ कर दिया। नैंसी की मिनीवैन 7:08 बजे इंस्टीट्यूट के पास दिखी, फिर 7:28 बजे वापस लौट गई थी।
नैंसी ने की पुलिस को छकाने की कोशिश
नैंसी ने शुरुआत में पुलिस को कहा कि वह घर पर सो रही थी। बाद में उन्होंने इस बात को कबूल करते हुए कहा कि 'मेमोरी होल' हो गया था, लेकिन वह राइटिंग के लिए पार्किंग में थी। पुलिस ने नैंसी के घर से एक ग्लॉक 17 पिस्तौल बरामद की, वही मॉडल जिससे हत्या हुई लेकिन बैलिस्टिक्स मैच नहीं हुईं। फिर ब्राउजिंग हिस्ट्री ने राज खोला। 2018 में नैंसी ने 'पोर्टलैंड गन शॉप्स', 'ओरेगन में गन रजिस्ट्रेशन' और 'ग्लॉक स्लाइड एंड बैरल' सर्च किया था। Ebay से खरीदे पार्ट्स स्लाइड और बैरल बदलकर हत्या को अंजाम दिया गया, फिर ओरिजिनल लगाकर पुलिस को धोखा दिया। बाद में एक गोस्ट गन किट भी स्टोरेज में मिली।

2018 में हुई थी नैंसी की गिरफ्तारी
डेनियल की हत्या के 3 दिन बाद नैंसी ने डिटेक्टिव से लेटर मांगा कि कन्फर्म करें कि वह संदिग्ध नहीं, ताकि बीमा क्लेम हो जाए। उसने कहा कि पॉलिसी 40,000 डॉलर की है, लेकिन यह असल में $3,50,000 की थी। अब हत्या का पूरा मकसद साफ हो चुका था कि नैंसी ने जल्द पैसे हासिल करने के लिए अपने पति की हत्या को अंजाम दिया था। सितंबर 2018 में नैंसी की गिरफ्तारी हुई और अप्रैल 2022 में ट्रायल शुरू हो गया जो कि 8 हफ्ते तक चला। नैंसी ने अपने बयान में कहा कि वह अपने पति से प्यार करती थी, और गन रिसर्च के लिए खरीदी थी। गवाहों ने भी कहा कि नैंसी और डैनियल खुश थे, लेकिन जूरी ने सर्कम्स्टैंशियल एविडेंस पर भरोसा किया।
नैंसी को आजीवन कारावास की सजा हुई
25 मई 2022 को नैंसी को सेकंड डिग्री मर्डर का दोषी ठहराया गया। सजा सुनाए जाते समय नैंसी ने कोई रिएक्शन नहीं दिया। 13 जून को नैंसी को आजीवन कारावास की सजा हुई जिसमें 25 साल बाद परोल के लिए अप्लाई किया जा सकता था। नैंसी को सजा मिलने के बाद उनके बेटे ने कहा कि इंसाफ मिला है लेकिन इससे दर्द कम नहीं हुआ। इस तरह देखा जाए तो आर्थिक जरूरतों ने एक खुशहाल परिवार को उजाड़कर रख दिया। इस पूरे मामले पर लाइफटाइम ने 2023 में 'हाउ टू मर्डर योर हसबैंड' मूवी बनाई, लेकिन असल कहानी इससे कहीं ज्यादा दर्दनाक है।