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दिल्लीवालों को बड़ी राहत, 415 किलोमीटर लंबी जर्जर सड़कों को फिर से बनाया जाएगा, 950 करोड़ का प्रस्ताव केंद्र को भेजा गया

 Reported By: Ila Kazmi, Edited By: Rituraj Tripathi
 Published : Jun 29, 2025 05:38 pm IST,  Updated : Jun 29, 2025 05:38 pm IST

दिल्ली की सड़कों का कायाकल्प करने की तैयारी हो गई है। 415 किलोमीटर लंबी जर्जर सड़कों को दोबारा बनाने के लिए प्रस्ताव को केंद्र को भेजा गया है।

Delhi Roads- India TV Hindi
दिल्ली की सड़कों का कायाकल्प करने की तैयारी Image Source : PTI/REPRESENTATIVE PIC

नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। बहुत जल्द दिल्ली की सड़कों का कायाकल्प होने वाला है। इससे दिल्लीवासियों को जर्जर रास्तों पर यात्रा करने से मुक्ति मिलेगी। दरअसल दिल्ली की जर्जर सड़कों को दोबारा से बनाने के लिए 950 करोड़ रुपए की योजना बनाई गई है, जिससे 415 किलोमीटर सड़कों का पुनर्निर्माण तय हो गया है। इस योजना का प्रस्ताव, केंद्रीय सड़क निधि (CRF) के अंतर्गत केंद्र सरकार को भेजा गया है।

क्या है दिल्ली की सड़कों के कायाकल्प की योजना?

  • दिल्ली सरकार ने 415 किलोमीटर लंबी जर्जर सड़कों के पुनर्निर्माण के लिए ₹950 करोड़ की योजना तैयार की है।
  • प्रस्ताव को केंद्रीय सड़क निधि (CRF) के अंतर्गत केंद्र सरकार को भेजा गया है।
  • योजना में आउटर रिंग रोड, मथुरा रोड, नजफगढ़ रोड, विकास मार्ग जैसी प्रमुख सड़कों को शामिल किया गया है।
  • अब तक 150 किमी सड़कें दुरुस्त की जा चुकी हैं, 100 किमी पर काम जारी है।
  • आगामी वित्तीय वर्ष में 500 किमी सड़कों की मरम्मत का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
  • मरम्मत कार्य के साथ-साथ फुटपाथ और नालों का भी निर्माण किया जाएगा।
  • निर्माण कार्य ई-निविदा (e-tendering) के ज़रिए होगा और 2026 तक कार्य पूरा करने का लक्ष्य है।
  • दिल्ली सरकार को उम्मीद है कि केंद्र से इस बार आर्थिक सहयोग मिलेगा, जिससे काम तेज़ होगा।
  • नागरिक PWD की वेबसाइट या ऐप के ज़रिए सड़क संबंधी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

दिल्ली सीएम ने हालही में यमुना को लेकर भी दिया था बयान

हालही में दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने यमुना को लेकर कहा था कि 'यमुना को प्रदूषण मुक्त रखना हमारा प्रमुख लक्ष्य है।' उन्होंने शनिवार को यमुना नदी में प्रदूषण के लिए पूर्ववर्ती सरकार को जिम्मेदार ठहराया था। उन्होंने कहा था कि उनकी सरकार ने यमुना को प्रदूषण मुक्त बनाने, कूड़े के पहाड़ों (ढेर) को हटाने और नालों से गाद निकालने का लक्ष्य रखा है। कोसी कलां कस्बे के निकट कमर गांव में दिल्ली के उद्यमियों द्वारा 16 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित 2.5 टन प्रतिदिन क्षमता वाले बायो-सीएनजी संयंत्र का उद्घाटन करने आईं मुख्यमंत्री गुप्ता ने कहा कि गोबर से होने वाले यमुना प्रदूषण को रोकने के लिए सरकार डेयरी कॉलोनियों में न केवल हर जरूरी सुविधा मुहैया कराएंगे, बल्कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के 'वेस्ट टू वेल्थ' मंत्र का प्रयोग करते हुए दो साल में दिल्ली की जरूरत के मुताबिक गोबर गैस संयंत्र भी स्थापित करेंगे। 

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