दिल्ली के वायु प्रदूषण में कुछ खास बदलाव देखने को नहीं मिल रहा है। नवंबर महीने में भी प्रदूषण ज्यों का त्यों देखने को मिल रहा है। स्थानीय उत्सर्जन, पराली जलाने और न्यूनतम तापमान के कारण वायु प्रदूषण का असर देखने को मिल रहा है। नवंबर में एवरेज एक्यूआई 372 दर्ज किया गया, जो कि 2017 के बाद से सबसे अधिक था। गुरुवार को दिल्ली की वायु गुणवत्ता सूचकांक गंभीर श्रेणी की दहलीज पर पहुंच गया है। प्रदूषण के स्तर हुई तेज बढ़ोत्तरी को इससे समझा जा सकता है कि चौबीस घंटे के भीतर ही 108 अंकों का इजाफा सूचकांक में हुआ है। 18 इलाकों की हवा गंभीर श्रेणी में पहुंच गई है। वहीं एनसीआर में भी प्रदूषण से राहत देखने को नहीं मिल रही है।
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