महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में भाजपा नगर सेवक ने मांग की है कि ट्रैफिक की समस्या और खराब AQI से निपटने के लिए मुंबई में Congestion टैक्स लगाया जाए। शिवसेना यूबीटी के नेता आदित्य ठाकरे ने इसका विरोध किया है।
ग्रेप-4 पाबंदियां हटने के कुछ दिनों बाद अब दिल्ली में ग्रेप-3 के तहत प्रदूषण विरोधी पाबंदियां हटा दी गईं। प्रदूषण के स्तर में सुधार होने पर यह फैसला लिया गया।
मुंबई की स्मॉग वाली हवा में गगनचुंबी इमारतें गायब होती नजर आईं। AQI बढ़ने की वजह से मुंबईकरों के स्वास्थ्य पर भी खतरा बढ़ने लगा है।
दिल्ली में AQI फिर से 400 के पार पहुंच गया है, और हवा 'गंभीर' श्रेणी में आ गई है। प्रदूषण नियंत्रण के लिए GRAP-4 के तहत 2 प्रतिबंध स्थायी कर दिए गए हैं जिनके तहत बिना वैध PUCC सर्टिफिकेट के वाहनों को पेट्रोल नहीं मिलेगा और BS6 उत्सर्जन मानकों को न पूरा करने वाले वाहनों पर बैन लगेगा।
दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार हुआ है। इस वजह से CAQM ने तत्काल प्रभाव से GRAP-4 की पाबंदियां हटा दी हैं। हालांकि चिंता की बात ये है कि आने वाले समय में AQI बढ़ सकता है।
दिल्ली के मुंडका में वायु गुणवत्ता सूचकांक 435, आनंद विहार में 455, द्वारका में 430, नरेला में 400, पंजाबी बाग में 421 और आईटीओ पर 410 दर्ज किया गया।
दिल्ली की जहरीली हवा से चिंता में लोग राहत लेने पहाड़ों का रुख कर रहे हैं, इससे मनाली पर्यटकों से गुलजार है। बढ़ते AQI में जहां दिल्ली में सांस लेना मुश्किल भरा है, वहीं स्वच्छ हवा की चाहत ने टूरिज्म को रफ्तार दी।
जहां देश के तमाम शहर जहरीली हवा से परेशान हैं, वहीं भारत में कुछ जगहें ऐसे भी हैं जहां AQI सालभर 50 से नीचे ही रहता है। यहां Switzerland के जैसी साफ हवा है। यहां हरी-भरी पहाड़ियां, साफ हवा और क्वालिटी लाइफ बेहतर है।
दिल्ली के अब सभी सरकारी-प्राइवेट दफ्तरों में 50% वर्क फ्रॉम होम अनिवार्य कर दिया गया है। इस संबंध में सरकार की तरफ से आदेश जारी कर दिए गए हैं।
दिल्ली की हवा ने सांसों को संकट में डाल दिया है और AQI के “गंभीर” कैटेगरी में पहुंचते ही सुप्रीम कोर्ट ने एडवाइजरी जारी कर दी। शीर्ष अदालत ने वकीलों और पक्षकारों से हाइब्रिड मोड में सुनवाई में शामिल होने की अपील की है।
दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए सरकार ने दफ्तरों में 50 प्रतिशत कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम देने का आदेश जारी किया गया है। इसके अलावा सरकार ने स्कूलों में भी कक्षाएं हाइब्रिड मोड में संचालित किए जाने का आदेश दिया है।
राजधानी दिल्ली में लगातार खराब हो रही एयर क्वालिटी के बीच GRAP-IV लागू कर दिया गया है। दिल्ली-एनसीआर में इसे लागू कर दिया गया है। बता दें कि दिल्ली के कई इलाकों में AQI '450+' तक पहुंच गया है।
दिल्ली की हवा का स्तर बेहद खराब स्तर तक पहुंच गया है। लोगों को सांस लेने में परेशानी हो रही है। ऐसे में प्रशासन ने ग्रैप-III के उपाय लागू किए हैं।
राजधानी दिल्ली के 36 निगरानी केंद्रों पर भी वायु गुणवत्ता (AQI) "बेहद खराब" दर्ज की गई। इन केंद्रों में से वायु गुणवत्ता का सबसे खराब स्तर मुंडका में दर्ज किया गया, जहां एक्यूआई 387 रहा।
BMC की तरफ से जारी नोटिफिकेशन के अनुसार GRAP-4 के तहत कई कंस्ट्रक्शन और धूल पैदा करने वाली एक्टिविटी पर रोक लगा दी गई है। इसके साथ ही दर्जनों साइट्स पर कड़ी निगरानी भी रखी जा रही है।
राजधानी दिल्ली में एक बार फिर से प्रदूषण का स्तर बढ़ गया है। यहां कई इलाकों में एक्यूआई 300 के पार पहुंच गया है। वहीं प्रदूषण का मामला संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान भी उठाया जा सकता है।
दिल्ली के बाद अब मुंबई की हवा भी ‘खराब’ श्रेणी में पहुंच गई है। लगातार बढ़ते AQI पर BMC ने 53 कंस्ट्रक्शन साइट्स को नोटिस जारी किए और सख्त मॉनिटरिंग शुरू की। वहीं, हाई कोर्ट ने ज्वालामुखी की राख को प्रदूषण का कारण मानने से इनकार किया है।
दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में प्रदूषण के मामले को लेकर गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान CJI सूर्यकांत ने क्षेत्र में वायु प्रदूषण पर गहरी चिंता जताई है।
सीजेआई सूर्यकांत ने बुधवार को टिप्पणी की कि दिल्ली में वायु प्रदूषण ने बाहर टहलना भी मुश्किल कर दिया है। उन्होंने कहा कि पिछले दिन 55 मिनट टहलने के बाद उन्हें काफी असुविधा का अनुभव हुआ।
दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण की वजह से लोगों को सांस लेने में तकलीफ हो रही है। कई इलाकों में एक्यूआई 400 के पार पहुंच गया है।
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