Char Prahar Puja Maha Shivratri 2026 (महाशिवरात्रि चार प्रहर पूजा मुहूर्त और विधि): वैसे तो महाशिवरात्रि का पूरा ही दिन भगवान शिव की उपासना के लिए शुभ और पुण्यदायी होता है। लेकिन इस दिन सबसे ज्यादा महत्व चार प्रहर पूजा का माना जाता है। कहते हैं जो भक्त इस दिन सच्चे मन से रात्रि के हर प्रहर में भगवान शिव की विधि विधान पूजा करता है उसकी समस्त मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं। अगर आप महाशिवरात्रि 2026 में चार प्रहर की पूजा करने की योजना बना रहे हैं तो यहां जान लें पूजा का समय और सही विधि स्टेप बाय स्टेप।
| रात्रि प्रथम प्रहर पूजा समय | 06:11 PM से 09:23 PM |
| रात्रि द्वितीय प्रहर पूजा समय | 09:23 PM से 12:35 AM, फरवरी 16 |
| रात्रि तृतीय प्रहर पूजा समय | 12:35 AM से 03:47 AM, फरवरी 16 |
| रात्रि चतुर्थ प्रहर पूजा समय | 03:47 AM से 06:59 AM, फरवरी 16 |
1. प्रथम प्रहर पूजा विधि
2. द्वितीय प्रहर पूजा विधि
3. तृतीय प्रहर पूजा विधि
4. चतुर्थ प्रहर पूजा विधि
(जरूरी बात - रात्रि के चारों प्रहर की पूजा में आप अपनी इच्छानुसार भगवान शिव का दूध, दही, गन्ने के रस, शहद या घी किसी भी चीज से अभिषेक कर सकते हैं। लेकिन हर प्रहर में शिवलिंग का अलग-अलग चीजों से अभिषेक करना बेहद शुभ फलदायी माना जाता है। वहीं इस बात का ध्यान रखना है कि हर प्रहर की पूजा में किसी नई चीज या नए फल का भोग जरूर लगाएं)
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