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Char Prahar Puja Maha Shivratri 2026: महाशिवरात्रि पर चार प्रहर की पूजा का समय और सही विधि स्टेप बाय स्टेप यहां जानें

Written By: Laveena Sharma @laveena1693 Published : Feb 14, 2026 02:30 pm IST, Updated : Feb 14, 2026 02:33 pm IST

Char Prahar Puja Maha Shivratri 2026: कहते हैं महाशिवरात्रि पर रात्रि के चारों प्रहर में भगवान शिव का पूजन और अभिषेक करने से विशेष फलों की प्राप्ति होती है। चलिए आपको बताते हैं चार प्रहर पूजा का शुभ मुहूर्त और विधि।

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Image Source : CANVA महाशिवरात्रि चार प्रहर पूजा मुहूर्त 2026

Char Prahar Puja Maha Shivratri 2026 (महाशिवरात्रि चार प्रहर पूजा मुहूर्त और विधि): वैसे तो महाशिवरात्रि का पूरा ही दिन भगवान शिव की उपासना के लिए शुभ और पुण्यदायी होता है। लेकिन इस दिन सबसे ज्यादा महत्व चार प्रहर पूजा का माना जाता है। कहते हैं जो भक्त इस दिन सच्चे मन से रात्रि के हर प्रहर में भगवान शिव की विधि विधान पूजा करता है उसकी समस्त मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं। अगर आप महाशिवरात्रि 2026 में चार प्रहर की पूजा करने की योजना बना रहे हैं तो यहां जान लें पूजा का समय और सही विधि स्टेप बाय स्टेप।

महाशिवरात्रि 2026 चार प्रहर पूजा मुहूर्त (Maha Shivratri 2026 Char Prahar Puja Muhurat)

रात्रि प्रथम प्रहर पूजा समय 06:11 PM से 09:23 PM
रात्रि द्वितीय प्रहर पूजा समय 09:23 PM से 12:35 AM, फरवरी 16
रात्रि तृतीय प्रहर पूजा समय 12:35 AM से 03:47 AM, फरवरी 16
रात्रि चतुर्थ प्रहर पूजा समय 03:47 AM से 06:59 AM, फरवरी 16

महाशिवरात्रि चार प्रहर पूजा विधि स्टेप बाय स्टेप (Char Prahar Puja Vidhi)

1. प्रथम प्रहर पूजा विधि

  • शिवलिंग का जल और दूध से अभिषेक करें।
  • बेलपत्र, भांग, धतूरा, फल और सफेद फूल अर्पित करें।
  • ॐ नमः शिवाय मंत्र का 108 बार जप करें।
  • कपूर से भगवान शिव की आरती करें।

2. द्वितीय प्रहर पूजा विधि

  • शिवलिंग का दही और घी से अभिषेक करें।
  • फिर से धतूरा, भांग, फल, फूल, चंदन, बेलपत्र इत्यादि चीजें चढ़ाएं।
  • भगवान शिव के किसी भी मंत्र का जाप करें।
  • उन्हें फिर से किसी नई चीज का भोग लगाएं।
  • आप चाहें तो शिव स्तोत्र या रुद्राष्टकम का पाठ भी कर सकते हैं। 

3. तृतीय प्रहर पूजा विधि

  • भगवान शिव का शहद और शक्कर मिले जल से अभिषेक करें।
  • चंदन, अक्षत, धतूरा, बेलपत्र इत्यादि चीजें अर्पित करें।
  • ध्यान और मौन साधना करें।
  • भजन-कीर्तन करें। भगवान के मंत्र का जाप करें।

4. चतुर्थ प्रहर पूजा विधि

  • शिवलिंग का गंगाजल या शुद्ध जल से अंतिम अभिषेक करें।
  • फल-नैवेद्य अर्पित करें।
  • भांग, धतूरा, बेलपत्र, फल, फूल चढ़ाएं।
  • शिव जी की कपूर से आरती करें।
  • क्षमा प्रार्थना करें।

(जरूरी बात - रात्रि के चारों प्रहर की पूजा में आप अपनी इच्छानुसार भगवान शिव का दूध, दही, गन्ने के रस, शहद या घी किसी भी चीज से अभिषेक कर सकते हैं। लेकिन हर प्रहर में शिवलिंग का अलग-अलग चीजों से अभिषेक करना बेहद शुभ फलदायी माना जाता है। वहीं इस बात का ध्यान रखना है कि हर प्रहर की पूजा में किसी नई चीज या नए फल का भोग जरूर लगाएं)

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