1. Hindi News
  2. दिल्ली
  3. दिल्ली: JNU में फिर हंगामा, केंद्रीय लाइब्रेरी में लगाए गए एंट्री सिस्टम में तोड़फोड़, लेफ्ट विंग पर लगे आरोप

दिल्ली: JNU में फिर हंगामा, केंद्रीय लाइब्रेरी में लगाए गए एंट्री सिस्टम में तोड़फोड़, लेफ्ट विंग पर लगे आरोप

 Reported By: Kumar Sonu, Written By: Rituraj Tripathi
 Published : Nov 23, 2025 08:12 am IST,  Updated : Nov 23, 2025 09:18 am IST

देश के प्रतिष्ठित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) के अंदर तोड़फोड़ हुई है। केंद्रीय लाइब्रेरी में लगाए गए एंट्री सिस्टम को तोड़े जाने की खबर है।

JNU- India TV Hindi
केंद्रीय लाइब्रेरी में लगाए गए एंट्री सिस्टम में तोड़फोड़ Image Source : REPORTER INPUT

नई दिल्ली: देश के प्रतिष्ठित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में फिर हंगामा हुआ है। यहां की केंद्रीय लाइब्रेरी में लगाए गए एंट्री सिस्टम को तोड़े जाने का मामला सामने आया है। दरअसल एंट्री सिस्टम, लाइब्रेरी में केवल रजिस्टर्ड छात्रों की एंट्री के लिए लगाया गया था। एबीवीपी का आरोप है कि लेफ्ट विंग से जुड़े छात्रों ने इस सिस्टम को तोड़ा है।

नवंबर में ही आए चुनाव के नतीजे, लेफ्ट ने हासिल की थी 4 सीटों पर जीत

JNU में इसी महीने यानी नवंबर की शुरुआत में ही चुनाव के नतीजे सामने आए थे। इन चुनावों में लेफ्ट ने प्रेसिडेंट पद समेत सभी 4 सीटें जीतीं हैं। प्रेसिडेंट पद पर अदिति मिश्रा (लेफ्ट यूनाइटेड, उपाध्यक्ष पद पर के. गोपिका (लेफ्ट यूनाइटेड), महासचिव पद पर सुनील यादव (लेफ्ट यूनाइटेड) और संयुक्त सचिव पद पर दानिश (लेफ्ट यूनाइटेड) विजयी हुए।

जेएनयूएसयू चुनाव 2024-25 में भी लेफ्ट ने शीर्ष चार में से तीन पदों पर जीत हासिल की थी। जबकि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने दस साल बाद वापसी करते हुए संयुक्त सचिव का पद जीता था। इस दौरान नीतीश कुमार (आइसा) अध्यक्ष चुने गए थे।

अक्टूबर 2025 में भी हुआ था हंगामा

JNU परिसर में छात्रसंघ चुनाव की गहमागहमी के बीच स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज (SSS) की आम सभा की बैठक के दौरान खूब हंगामा हुआ था। ABVP और वाम समर्थित छात्र समूहों ने एक-दूसरे पर हिंसा करने, हमला करने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बाधित करने का आरोप लगाया था। 

नवंबर में छात्रसंघ चुनाव होने वाले थे। ऐसे में आरोप और प्रत्यारोप के खूब मामले सामने आए थे। एबीवीपी ने आरोप लगाया था कि बैठक के दौरान एक वामपंथी सदस्य ने आपत्तिजनक और भेदभावपूर्ण टिप्पणी की। वहीं आइसा ने एबीवीपी पर आरोप लगाया था कि एबीवीपी के "गुंडों" ने आम सभा की बैठक को बाधित किया। सदस्यों को परेशान किया और छात्रों पर शारीरिक हमला किया।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। दिल्ली से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।