देश की राजधानी दिल्ली में नए साल का स्वागत उत्साह के साथ हुआ। इस बीच, नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने सख्त रुख अपनाया। नववर्ष की पूर्व संध्या पर इस साल 31 दिसंबर को कुल 8,461 चालान काटे गए, जो 2024 की तुलना में लगभग तीन गुना ज्यादा हैं। पिछले साल 31 दिसंबर को चालानों की संख्या केवल 2,901 थी। सड़कों पर सबसे खतरनाक स्थिति नशे में वाहन चलाने और गलत दिशा में गाड़ी चलाने वालों की रही।
आंकड़ों के मुताबिक, नशे में गाड़ी चलाने के मामले पिछले साल के 272 से बढ़कर इस साल 857 तक पहुंच गए। वहीं, रॉन्ग साइड ड्राइविंग में भी चौंकाने वाली बढ़ोतरी देखी गई, जहां पिछले साल महज 240 चालान हुए थे, इस बार यह संख्या बढ़कर 1,630 हो गई। पुलिस के अनुसार, गलत दिशा में वाहन चलाना और शराब पीकर गाड़ी चलाना सड़क हादसों के सबसे बड़े कारक हैं, जिन पर लगाम कसने के लिए इस बार विशेष प्रवर्तन दल तैनात किए गए थे।
दोपहिया वाहनों पर ट्रिपल राइडिंग करने वाले लोगों के खिलाफ भी कड़ा रुख अपनाया गया। पिछले साल 31 दिसंबर को ट्रिपल राइडिंग के 77 मामलों के मुकाबले इस साल 191 केस दर्ज किए गए। इसके अलावा, जश्न की जगहों पर बेतरतीब तरीके से खड़े किए गए वाहनों के कारण आम जनता को काफी परेशानी हुई। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि गलत पार्किंग के मामले 2,312 से बढ़कर 5,783 हो गए। कनॉट प्लेस, हौज खास और एयरोसिटी जैसे इलाकों में गलत पार्किंग के कारण घंटों जाम की स्थिति बनी रही, जिसे संभालने के लिए पुलिस को खासी मशक्कत करनी पड़ी।
नववर्ष के दौरान कानून-व्यवस्था और यातायात सुचारू रखने के लिए 20,000 जवानों की तैनाती की गई थी। सीसीटीवी कैमरों और जिला नियंत्रण कक्षों के बीच रीयल-टाइम समन्वय के जरिए हर संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखी गई।
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