वैसे तो मॉनसून का मौसम आ गया है लेकिन दिल्ली-एनसीआर में अब भी प्रचंड गर्मी पड़ रही है। बारिश का दूर दूर तक कोई नामो निशान नहीं है। इस मौसम में लोगों से अक्सर एक गलती हो जाती है जिसपर ध्यान नहीं देने से शरीर में ब्लड क्लॉटेज की समस्या हो सकती है। दरअसल, गर्मी में कई लोग डिहाइड्रेशन की चपेट में आ जाते हैं। गर्मी में शरीर से पसीना बहुत ज़्यादा निकलता है। जब बढ़े हुए तापमान ने शरीर से लिक्विड बहुत ज़्यादा निकल जाता है और आप ज़्यादा पानी नहीं पीते हैं तो इससे शरीर में डिहाइड्रेशन बढ़ जाती है। अब डिहाइड्रेशन से ब्लड क्लॉटेज का क्या कनेक्शन है? यह समझा रहे हैं साओल हार्ट सेंटर के संस्थापक, एमबीबीएस और एमडी, डॉक्टर बिमल छाजेर साथ ही बता रहे हैं बचाव के लिए क्या करें?
डिहाइड्रेशन से क्लॉट क्यों होता है?
डॉक्टर बिमल छाजेर कहते हैं कि डिहाइड्रेशन से ब्लड का वॉल्यूम कम होता है। जब हमारी बॉडी डिहाइड्रेटेड होती है तब नेचुरली बॉडी में तरल पदार्थ कम होते हैं। इस वजह से नसों में ब्लड का सर्कुलेशन बहुत स्लो होता है जिससे क्लॉट बनने की संभावना सबसे ज़्यादा होती है। स्लो सर्कुलेशन की वजह से पैरों के नसों के अंदर क्लॉट बन जाता है। इस वजह से हार्ट को बहुत ज़्यादा काम करना पड़ता है। अगर डिहाइड्रेशन गंभीर हो तो हीट स्ट्रोक भी हो सकता है जो जानलेवा है।
क्लॉट बनने पर क्या होता है?
डॉक्टर कहते हैं कि पैरों में क्लॉट बनने पर बहुत ज़्यादा दर्द होता है। कफ मसल्स में सबसे ज़्यादा दर्द होता है और वह जगह गर्म हो जाती है साथ ही वहां का कलर भी बदल जाता है। अगर ये क्लॉट लंग्स में चला जाए तो सांस फूलने लगता है और घबराहट होने लगती है।
किन लोगों को होता है ज़्यादा खतरा?
अगर आप बहुत ज़्यादा वॉक नहीं करते हैं। घंटों बैठकर काम करते हैं तो ब्लड क्लॉट का रिस्क तेजी से बढ़ जाता है। कम मूमेंट की वजह से यह समस्या बुजुर्गों में भी ज़्यादा होती है। जो लोग गर्म तापमान में काम करते हैं उन लोगों को भी यह समस्या हो सकती है।
क्या है बचाव?
डॉक्टर कहते हैं कि इससे बचने का सबसे पहला उपाय यह है कि आप खूब पानी पिएं। दिनभर पानी पिएं। प्यास नहीं है तब भी पानी पिएं। अगर आपकी फिजिकल एक्टिविटी ज़्यादा है तब पानी की मात्रा बढ़ा दें। अपनी डाइट में हरी सब्जियों और पानी वाले फलों को शामिल करें। कॉटन के कपड़े पहने। शराब और सिगरेट से दूरी बनाएं।
Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है)