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कोरोना के एक्टिव मामलों के कमी के बाद होटल्स को delink कर सकते हैं सीएम केजरीवाल

 Written By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Jul 28, 2020 09:58 pm IST,  Updated : Jul 28, 2020 10:02 pm IST

दिल्ली स्वास्थ्य विभाग के एक बुलेटिन के अनुसार, पिछले 24 घंटे में इस महामारी से 28 लोगों की मौत हुई है। इस समय 10,887 मरीजों का इलाज चल रहा है।

Kejriwal can free private hotels after dip in active of coronavirus । कोरोना के एक्टिव मामलों के कमी- India TV Hindi
कोरोना के एक्टिव मामलों के कमी के बाद होटल्स को फ्री कर सकते हैं सीएम केजरीवाल Image Source : PTI (FILE)

नई दिल्ली. दिल्ली में कोरोना के एक्टिव मामलों की संख्या कम होती जा रही है। पिछले कुछ दिनों से प्रतिदिन मिलने वाले कोरोना मरीजों की संख्या में भी कमी आई है। दिल्ली शहर में हालात काबू होते देश अब सीएम अरविंद केजरीवाल उन होटल्स को मुक्त कर सकते हैं, जिन्हें कोरोना की वजह से टेक ओवर किया गया था। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इसको लेकर कल एक महत्वपूर्ण बैठक होने वाली है, जिसमें ये फैसला लिया जा सकता है।

निजी अस्पतालों की गुहार, कुछ कोविड बिस्तरों को गैर-कोविड बिस्तरों में तब्दील किया जाए

दिल्ली के निजी अस्पतालों ने राजधानी में कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में दिख रही गिरावट और खुद को हो रहे वित्तीय नुकसान के मद्देनजर केजरीवाल सरकार से कुछ कोविड-19 केन्द्रों को गैर कोविड केंद्रों में तब्दील करने का आग्रह किया है। दिल्ली कोरोना ऐप के अनुसार राष्ट्रीय राजधानी के निजी और सरकारी अस्पतालों में कोविड-19 रोगियों के लिये कुल 15,538 बिस्तर हैं, जिनमें से केवल 2,783 बिस्तरों पर ही रोगी हैं।

कई अस्पतालों का कहना है कि उनके यहां कोविड-19 रोगियों के लिये तय बिस्तरों में से आधे से ज्यादा बिस्तर खाली पड़े हैं क्योंकि काफी संख्या में रोगियों को घरों में पृथक रखा गया है। इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल में कोविड-19 रोगियों के लिये 650 बिस्तर हैं, जिनमें से 551 खाली हैं। दूसरे अस्पतालों का भी यही हाल है। बत्रा अस्पताल में 502 में से 465 और वेंकटेश्वर अस्पताल में 429 में से 397 बिस्तर खाली पड़े हैं।

इसी तरह, मैक्स अस्पताल की शालीमार बाग शाखा में 350 में से 220 और साकेत शाखा में 216 में से 162 बिस्तर खाली हैं। दिल्ली-एनसीआर में संचालित फोर्टिस हेल्थकेयर के एक प्रवक्ता ने कहा कि कोरोना वायरस रोगियों को अस्पताल में भर्ती कराने के मामलों में धीरे-धीरे कमी आ रही है और फोर्टिस के अधिकतर अस्पताल या तो पूरी तरह या आंशिक रूप से कोविड-19 केंद्रों के रूप में काम कर रहे हैं।

प्रवक्ता ने कहा कि गंभीर मामलों को छोड़कर अन्य सर्जरी और उपचार मौटे तौर नहीं किये जा रहे हैं, लिहाजा गैर-कोविड बिस्तरों पर रोगियों की संख्या कम है। प्रवक्ता ने कहा , ''जरूरत है कि अस्पतालों को अब उनके अनुकूल काम करने दिया जाए। हमने दिल्ली सरकार से सभी अस्पतालों में ऐच्छिक सर्जरी और गैर-कोविड सेवाएं फिर से शुरू करने की अनुमति देने का अनुरोध किया है।''

दिल्ली हार्ट एंड लंग इंस्टिट्यूट (डीएचएलआई) के अध्यक्ष केके सेठी के अनुसार अस्पताल का एक पूरा तल कोविड-19 रोगियों के लिये है, लेकिन कई बिस्तर खाली पड़े हैं। इसके अलावा, दूसरी समस्याओं से जूझ रहे रोगी वायरस की चपेट में आने के डर से अस्पतालों में नहीं आ रहे। उन्होंने कहा कि इससे नुकसान बढ़ गया है और संचालन लागत भी पहले के मुकाबले बढ़ गई है। उन्होंने कहा, ''हम बैंकों से कर्ज ले रहे हैं और यह कर्ज अब करोड़ों रुपये का हो गया है।''

मंगलवार को दिल्ली में मिले 1056 नए मरीज

मंगलवार को राजधानी नई दिल्ली में कोरोना वायरस के 1056 नए मरीज मिले। इन मरीजों के सामने आने के बाद शहर में कोविड-19 से संक्रमित लोगों की कुल संख्या 1.32 लाख से अधिक पहुंच गई जबकि मृतकों की संख्या बढ़कर 3,881 हो गई हैं। दिल्ली स्वास्थ्य विभाग के एक बुलेटिन के अनुसार, पिछले 24 घंटे में इस महामारी से 28 लोगों की मौत हुई है। इस समय 10,887 मरीजों का इलाज चल रहा है।

With inputs from Bhasha

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