नई दिल्ली: दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर स्थित एक होटल में लगी भीषण आग में कम से कम 21 लोगों की मौत के कुछ ही घंटों बाद उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने राजधानी में अग्नि सुरक्षा नियमों को सख्ती से लागू करने के लिए महीने भर के अभियान का आदेश दिया है। यह बड़े पैमाने पर चलाया जाने वाला अभियान 4 जून से शुरू होगा। इसके तहत होटल, लॉज, सराय, नर्सिंग होम, कोचिंग संस्थान, रेस्तरां और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
उपराज्यपाल की अध्यक्षता में हुई एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में यह फैसला लिया गया। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे पूरी दिल्ली में अग्नि सुरक्षा मानदंडों को सख्ती से लागू करना सुनिश्चित करें।
संयुक्त प्रवर्तन टीमें करेंगी जमीनी जांच
इस योजना के तहत जिला स्तरीय प्रवर्तन टीमें बनाई गई हैं। जिला मजिस्ट्रेट, पुलिस उपायुक्त, नगर निगम के अधिकारियों और दिल्ली अग्निशमन सेवा के प्रतिनिधियों से मिलकर बने जिला स्तरीय प्रवर्तन दल संयुक्त रूप से जमीनी निरीक्षण और प्रवर्तन गतिविधियां संचालित करेंगे। दिल्ली सरकार के गृह विभाग को इस अभियान के लिए नोडल एजेंसी बनाया गया है, जो सभी विभागों के साथ तालमेल बिठाएगी। मुख्य सचिव और पुलिस आयुक्त अगले एक महीने तक इस अभियान की संयुक्त रूप से निगरानी करेंगे।
क्षमता से अधिक कमरे चलाने पर होगी सख्त कार्रवाई
प्रशासन ने फैसला किया है कि जो होटल स्वीकृत सीमा से अधिक कमरे संचालित कर रहे हैं, उन्हें तुरंत बंद कर दिया जाएगा। अधिकारियों को पर्यटन और भवन लाइसेंस से जुड़ी शर्तों को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। दिल्ली पुलिस, एमसीडी और पर्यटन विभाग होटल एसोसिएशनों के साथ क्षेत्रवार बैठकें करेंगे, ताकि उन्हें अनिवार्य सुरक्षा नियमों और लाइसेंस की शर्तों से अवगत कराया जा सके।
फायर सेफ्टी सिस्टम का होगा ऑडिट
4 जून से सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को 15 दिनों के भीतर अपने अग्निशमन उपकरण, पानी के टैंक और जल आपूर्ति प्रणालियों की जांच और रखरखाव करने के निर्देश दिए गए हैं। इसी दौरान, सरकारी अधिकारी भी इन परिसरों की तैयारी और नियमों के पालन की पुष्टि के लिए समानांतर ऑडिट करेंगे। नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों को बंद कर दिया जाएगा।
नियमों का पालन नहीं करने वाले परिसरों पर कार्रवाई
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि नियमों का पालन न करने वाले परिसरों को सील किया जाएगा और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी। निगरानी को बेहतर बनाने के लिए एक सप्ताह के भीतर एक समर्पित हेल्पलाइन और ईमेल सिस्टम शुरू किया जाएगा, जिससे आम नागरिक भी नियमों का उल्लंघन करने वाली व्यावसायिक इमारतों और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों (RWAs) की शिकायत कर सकेंगे।
उपराज्यपाल ने भूमि स्वामित्व एजेंसियों, दिल्ली फायर सर्विस और दिल्ली पुलिस को एक शहर-व्यापी 'एक्सेसिबिलिटी सर्वे' करने का निर्देश दिया है। यह सर्वे उन संकरी गलियों और बाधाओं की पहचान करेगा जो आपातकाल के दौरान दमकल गाड़ियों का रास्ता रोकती हैं।
मालवीय नगर हादसे के पीड़ितों के लिए राहत कार्य
प्रशासन ने मालवीय नगर त्रासदी से प्रभावित पीड़ितों के लिए तत्काल उपायों की रूपरेखा तैयार की है। अधिकारियों को घायलों का उचित इलाज सुनिश्चित करने और मृतकों की पहचान में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। जहां जरूरत होगी वहां डीएनए सैंपलिंग की जाएगी। साथ ही, पीड़ितों के परिजनों और दूतावासों से संपर्क कर शवों के अंतिम संस्कार या उन्हें भेजने की व्यवस्था की जा रही है।
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