नयी दिल्ली: दिल्ली सरकार ने जेएनयू राजद्रोह मामले में जेएनयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार और अन्य के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति देने के लिए किसी निर्णय तक पहुंचने के वास्ते बुधवार को एक महीने का समय मांगा। मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट दीपक शेरावत ने आप सरकार को तय समय सीमा के साथ उचित जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।
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दिल्ली पुलिस की विशेष शाखा के डीसीपी प्रमोद कुशवाह ने पहले अदालत से कहा था कि एजेंसी ने पहले ही अनुमति के लिए दिल्ली सरकार को अनुरोध भेज दिया है। साथ ही उन्होंने कहा कि मंजूरी लेना एक प्रशासनिक प्रक्रिया है और इसके बिना भी आरोपपत्र दाखिल किया जा सकता है।
दिल्ली पुलिस ने अदालत से पहले कहा था कि इस मामले में कुमार और अन्य के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए अधिकारियों की मंजूरी मिलनी बाकी है और इसे मिलने में दो से तीन महीने का समय लग सकता है।
पुलिस ने कुमार और अन्य के खिलाफ अदालत में आरोपपत्र दायर करते हुए कहा था कि वह नौ फरवरी 2016 में जेएनयू परिसर में हुए समारोह में निकाले गए जुलूस का नेतृत्व कर रहा था और उसने राजविरोधी नारों का समर्थन किया था।