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Sukesh Chandrasekhar: पत्नी से मिलने के लिए ठग सुकेश चंद्रशेखर ने की भूख हड़ताल, जेल अधिकारी परेशान

सुकेश ने 23 अप्रैल से 2 मई तक और फिर 4 मई से 12 मई तक खाना नहीं खाया। जेल के शीर्ष अधिकारी ने बताया कि सुकेश अपनी पत्नी लीना मारिया पॉल से मिलने की मांग कर रहा था, जो वर्तमान में तिहाड़ जेल की जेल संख्या 6 में बंद है।

Khushbu Rawal Edited by: Khushbu Rawal @khushburawal2
Published on: May 17, 2022 21:57 IST
Sukesh Chandrasekhar - India TV Hindi
Image Source : IANS Sukesh Chandrasekhar

Highlights

  • तिहाड़ जेल में ठग सुकेश चंद्रशेखर की भूख हड़ताल
  • 23 अप्रैल से 2 मई तक और फिर 4 मई से 12 मई तक सुकेश ने नहीं खाया खाना

Sukesh Chandrasekhar: जेल में बंद अपराधी सुकेश चंद्रशेखर जेल अधिकारियों के विरोध में तिहाड़ जेल में दो बार भूख हड़ताल कर चुका है। ठग चाहता था कि जेल अधिकारी उसके लिए 'कैदी मीटिंग' के नियमों में ढील दें क्योंकि वह अपनी पत्नी से महीने में दो बार से ज्यादा मिलना चाहता है, जो तिहाड़ जेल में भी बंद है। उसने दो बार विरोध किया और बाद में 10 दिनों के लिए और फिर नौ दिनों के लिए भूख हड़ताल पर चला गया।

जानें, जेल महानिदेशक ने क्या कहा

महानिदेशक (जेल) संदीप गोयल ने बताया कि सुकेश ने 23 अप्रैल से 2 मई तक और फिर 4 मई से 12 मई तक खाना नहीं खाया। गोयल ने कहा, "इस अवधि के दौरान उन्हें जेल डिस्पेंसरी में आईवी फल्यूड/ग्लूकोज पर रखा गया था।" जेल के शीर्ष अधिकारी ने बताया कि सुकेश अपनी पत्नी लीना मारिया पॉल से मिलने की मांग कर रहा था, जो वर्तमान में तिहाड़ जेल की जेल संख्या 6 में बंद है।

गोयल ने कहा, "इस संबंध में, उन्हें पहले से ही महीने में दो बार अपनी पत्नी के साथ 'अंतर-जेल मुलकात' की अनुमति दी जा रही है, यानी महीने के हर 1 और 3 शनिवार को, जैसा कि अन्य कैदियों को अनुमति है।" गोयल ने कहा, आरोपी ठग इनके अलावा और मुलाकात चाहता था, जिसकी इजाजत नहीं थी। इस कदाचार के लिए सुकेश चंद्रशेखर के खिलाफ जेल की सजा भी दी गई थी। कथित तौर पर, युगल (सुकेश और लीना) के खिलाफ 32 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जो अदालतों के समक्ष लंबित हैं।

करोड़पति बनने के सपने देखता था सुकेश
कर्नाटक के बेंगलुरु में एक निम्न मध्यमवर्गीय परिवार में जन्मा सुकेश हमेशा अपने जीवन में करोड़पति बनने का सपना देखता था और अपने सपने को साकार करने के लिए उसने ठगी के जरिए पैसा कमाने की ठानी। उसने 17 साल की उम्र से लोगों को ठगना शुरू कर दिया था। 2007 में उसने नौकरी दिलाने के बहाने करीब 100 लोगों से 75 करोड़ रुपये ठगे थे। उस समय उसने खुद को एक उच्च पदस्थ नौकरशाह के रूप में पेश किया। बाद में उसने कई सालों के बाद राजनेता टीटीवी दिनाकरण को 50 करोड़ रुपये का चूना भी लगाया।

तिहाड़ जेल के अंदर से ही रैकेट चलाता रहा सुकेश
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने दिनाकरन की शिकायत पर सुकेश को गिरफ्तार कर लिया और उसे तिहाड़ जेल में बंद कर दिया गया। हैरान करने वाली बात यह रही कि तिहाड़ जेल के अंदर से ही बदमाश लगातार रैकेट चलाता रहा। उस पर फोर्टिस हेल्थकेयर और रैनबैक्सी लैब के पूर्व प्रमोटरों शिविंदर और मलविंदर सिंह के परिवार से जेल परिसर में 200 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने का आरोप है। दिल्ली पुलिस ने नवंबर 2021 में मालविंदर की पत्नी से 200 करोड़ रुपये ठगने के इसी मामले में आरोपी ठग, उसकी पत्नी लीना मारिया पॉल और 12 अन्य के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी।

सुकेश की बैरक में लगे सीसीटीवी कैमरों को ढक दिया गया
दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने तिहाड़ जेल अधिकारियों को 82 जेल अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए लिखा पत्र था, जिन्होंने कैदी सुकेश को जेल के अंदर शानदार सुविधाएं प्रदान करके उसकी मदद की थी। पत्र में ईओडब्ल्यू ने सभी 82 जेल अधिकारियों के नामों का उल्लेख किया था। शुरुआत में सुकेश को रोहिणी जेल परिसर में रखा गया और फिर तिहाड़ जेल नंबर 4 में स्थानांतरित कर दिया गया और अब वह वर्तमान में तिहाड़ जेल की जेल नंबर 1 में बंद है। जांच के दौरान, रोहिणी जेल के दस कैमरों के सीसीटीवी फुटेज एकत्र किए गए और जांच की गई और पाया गया कि आरोपी सुकेश की बैरक में लगे सीसीटीवी कैमरों को कपड़ों और मिनरल वाटर की बोतलों से ढक दिया गया है।

ईओडब्ल्यू ने पत्र में उल्लेख किया था कि कैमरे की नजर से वस्तुओं को हटाने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की गई और इसके लिए जेल अधिकारियों को सुकेश और उसके सहयोगियों से मोटी रकम मिली। पत्र के अनुसार, "आगे, गिरफ्तार जेल अधिकारियों के बयानों और जांच के दौरान एकत्र किए गए दस्तावेजों, तथ्यों और सबूतों से, यह पता चला है कि पैसे का भुगतान सभी कर्मचारियों को उनके कर्तव्यों के बावजूद रिश्वत के रूप में किया गया था ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वे खुद चुप रहे। जेल नंबर 10, रोहिणी जेल के अधिकारी भी आरोपी व्यक्तियों से अनुचित लाभ लेने में शामिल पाए गए हैं, इसलिए तार्किक निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए विस्तृत जांच की आवश्यकता है।" पता चला है कि कैदी सुकेश बिना किसी रूकावट के लग्जरी सुविधाओं के लिए हर महीने करीब 1.50 करोड़ रुपये चुकाता था।