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दो साल बाद हुई IIT काउंसिल की बैठक, AI को देखते हुए टास्क फोर्स का होगा गठन

 Edited By: Amar Deep
 Published : Aug 25, 2025 11:19 pm IST,  Updated : Aug 25, 2025 11:19 pm IST

दो साल बाद आईआईटी काउंसिल की बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में एआई के बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए एक टास्क फोर्स के गठन का फैसला लिया गया।

आईआईटी काउंसिल की बैठक में कई मुद्दों पर हुई चर्चा।- India TV Hindi
आईआईटी काउंसिल की बैठक में कई मुद्दों पर हुई चर्चा। Image Source : X/DPRADHANBJP

नई दिल्ली: आईआईटी काउंसिल ने एआई के बढ़ते इस्तेमाल के बीच पाठ्यक्रम और शिक्षण पद्धति को अनुकूलित करने के लिये एक विस्तृत कार्य योजना तैयार करने के मकसद से सोमवार को एक टास्क फोर्स के गठन का फैसला लिया। आईआईटी काउंसिल की सोमवार को दो साल बाद बैठक हुई। इसकी पिछली बैठक अप्रैल 2023 में हुई थी। आईआईटी काउंसिल 23 प्रमुख इंजीनियरिंग संस्थानों की सर्वोच्च समन्वय संस्था है।

आईआईटी काउंसिल की बैठक में उच्च शिक्षा संस्थानों में अनुसंधान का व्यावसायीकरण, गुणवत्ता, वैश्विक प्रासंगिकता और अनुसंधान परिणामों को बढ़ाने के लिए पीएचडी शिक्षा में सुधार पर चर्चा हुई। इसके अलावा वैश्विक रैंकिंग में सुधार, शीर्ष स्तर की प्रतिभाओं को आकर्षित करने और उन्नत अनुसंधान केंद्र के रूप में आईआईटी की प्रतिष्ठा को मजबूत करने सहित अन्य विषयों पर चर्चा की गई। 

एसआईटी का होगा गठन

एक अधिकारी ने कहा, ‘‘उच्च शिक्षा संस्थानों में अनुसंधान के व्यावसायीकरण पर व्यापक विचार-विमर्श किया गया। काउंसिल ने एआई के मद्देनजर पाठ्यक्रम और शिक्षण पद्धति को अनुकूलित करने पर भी जोर दिया। देश में उच्च और स्कूली शिक्षा के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने हेतु एक कार्यबल गठित करने का निर्णय लिया गया।’’ 

उन्होंने कहा, ‘‘इसके अलावा, आईआईटी के सामाजिक-आर्थिक और वैश्विक प्रभाव को, विशेष रूप से उनके पूर्व छात्रों के माध्यम से, स्वीकार किया गया, जो वैश्विक अगुआ, नवप्रवर्तक और धन सृजनकर्ता के रूप में विकसित हुए हैं। परिषद ने मार्गदर्शन, उद्योग संबंधों और छात्र विकास के लिए पूर्व छात्र नेटवर्क का लाभ उठाने के महत्व पर भी ज़ोर दिया।’’ 

मानसिक स्वास्थ्य पर जोर

उन्होंने कहा कि बैठक में मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर जोर दिया गया और विभिन्न आईआईटी द्वारा अपनाए गए मॉडल को साझा किया गया। इसके अलावा परिसरों के अंदर स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने और वार्षिक स्वास्थ्य जांच कराने का भी सुझाव दिया गया। अधिकारी ने कहा, ‘‘राष्ट्रीय प्राथमिकताओं और सामाजिक आवश्यकताओं के अनुरूप वैज्ञानिक अनुसंधान में आईआईटी की भूमिका पर ज़ोर दिया गया। उद्योग, शिक्षा जगत और नीति निर्माताओं के बीच मज़बूत संबंध की आवश्यकता पर ज़ोर दिया गया। विभिन्न सुझावों और प्रथाओं का उल्लेख किया गया।’’ 

अधिकारी ने कहा, ‘‘एक महीने के भीतर एक नीति बनाने का निर्णय लिया गया, जिसमें विभिन्न व्यावहारिक तरीके सुझाए जायेंगे, ताकि भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए भारतीय परिसरों में वैज्ञानिक अनुसंधान एवं उत्पाद का विकास हो सके।’’ (इनपुट- पीटीआई)

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